भारी बारिश होने एवं नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से गंडक नदी समय से पूर्व ही उफान पर है। इस कड़ी में यहां सबसे ज्यादा आफत डुमरिया पंचायत के सिसवनियां टोला गांव वार्ड नंबर 15 के लोगों को है। जहां बाढ़ का पानी इनके घरों में घुसने के कारण यहां के लोग करीब तीन दिनों से खतरों के बीच नेशनल हाईवे- 28 के बीचों-बीच बने डिवाइडर पर शरण ले रखे है।

डिवाइडर पर करीब पचास परिवार प्लास्टिक एवं तिरपाल तानकर समय गुजार रहे हैं। यह तो ठीक है की नदी के पानी से बचाव हो रहा है। जान बच रही है। मगर यहां एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई वाली बात है। क्योंकि यह फोरलेन सड़क है, जहां दोनों तरफ से दिन-रात हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है।

यहां दुर्घटना की आशंका के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। यह जानकर भी लोग यहां शरण लिए हुए हैं। हालांकि सुरक्षा के ²ष्टिकोण से इन ग्रामीणों ने दुबौली चौक के समीप सड़क के एक लेन को बंद कर दिया था। ताकि उस मार्ग से वाहनों का आवागमन नहीं हो। परंतु शनिवार को दुबौली चौक पर ही लेन बंद रहने के कारण हुए बस दुर्घटना के बाद इन्होंने उस लेन को खोल दिया। जिससे दुर्घटना की संभावना काफी बढ़ गए है। बता दें कि इनके छोटे-छोटे ब’चे अपने कैंप से बाहर निकल कर सड़क पर खेलने चले जाते है।
Input: dainik jagran




