यह है आज का श्रवण कुमार… पिता के टूटे हुए पैर का सही से ऑपरेशन हो जाए, इसके लिए ठेला चालक के तीन बच्चों ने पटना की सड़कों पर भीख मांगी और 10 साल का बड़ा बेटा पिता को ठेले पर ही लादकर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। ठेला चालक दिनेश कुमार हड़ताली मोड़ के पास की झोपड़पट्‌टी का रहने वाला है। दिनेश के दो बेटे और एक बेटी है।

दिनेश ने कहा कि लगभग 10 दिन पहले अनीसाबाद में नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी ने उसे धक्का मार दिया था। जब उसे होश आया तब वह अस्पताल में पड़ा था। डॉक्टरों ने पैर में कच्चा प्लास्टर कर छोड़ दिया है। उनका कहना है कि पैर में रॉड लगेगा और उसमें करीब 70 हजार रुपए का खर्च आएगा। पैसे के अभाव में दिनेश का इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उनके बच्चाें के पास जब कोई रास्ता नहीं बचा तो वे पिता के इलाज के लिए भीख मांगने लगे।

निगम अफसर बोले-जिस गाड़ी ने धक्का मारा, उसका नंबर लाओ
दिनेश ने कहा कि धक्का लगने के बाद मैं बेहोश हो गया। जब होश आया तब घर वालों को जानकारी हुई। बड़ा बेटा ठेला पर लादकर निगम के दफ्तर भी ले गया। निगम के अधिकारियों ने मेरी स्थिति देखी और कहा कि जिस गाड़ी ने धक्का मारा है उसका नंबर दो। अब मैं नंबर कहां से लाऊं। उस समय तो मैं बेहोश था। दिनेश ने भावुक होते हुए कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपने पैर का ऑपरेशन करवा सकूं। बच्चे भी छोटे-छोटे हैं।

Input: dainik bhaskar

निगम अफसर बोले-जिस गाड़ी ने धक्का मारा, उसका नंबर लाओ
दिनेश ने कहा कि धक्का लगने के बाद मैं बेहोश हो गया। जब होश आया तब घर वालों को जानकारी हुई। बड़ा बेटा ठेला पर लादकर निगम के दफ्तर भी ले गया। निगम के अधिकारियों ने मेरी स्थिति देखी और कहा कि जिस गाड़ी ने धक्का मारा है उसका नंबर दो। अब मैं नंबर कहां से लाऊं। उस समय तो मैं बेहोश था। दिनेश ने भावुक होते हुए कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपने पैर का ऑपरेशन करवा सकूं। बच्चे भी छोटे-छोटे हैं।

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