कोलकाता: कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए देशभर में तेजी से वैक्सीन लगाई जा रही है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद मिमी चक्रवर्ती (Mimi Chakraborty) फर्जी टीकाकरण की शिकार हुई हैं और खुद को आईएस अफसर बताने वाले शख्स ने उन्हें फेक वैक्सीन लगवा दी है.

फर्जी टीकाकरण अभियान में कैसे फंसीं मिमी चक्रवर्ती
टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती (Mimi Chakraborty) ने कहा, ‘उन्हें एक टीकाकरण कैंप के लिए इनवाइट किया गया और बताया गया कि कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के जॉइंट कमिश्नर की ओर से ट्रांसजेंडर्स और विकलांगों के लिए मुफ्त टीकाकरण कैंप लगाया जा रहा है.’ उन्होंने आगे बताया, ‘खुद को आईएस अफसर बताने वाले शख्स ने मुझसे इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की ताकि दूसरे लोग टीका लगवाने को प्रेरित हों. इसके बाद मैं भी वहीं गई और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए टीका लगवाया.’

कैसे हुआ फर्जी टीकाकरण का खुलासा
मिमी चक्रवर्ती (Mimi Chakraborty) ने बताया, ‘कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवाने के बाद जब मुझे कोई मैसेज नहीं आया तो वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के बारे में सवाल किया. इसके बाद मुझे बताया गया कि यह अगले 3-4 दिन में मिल जाएगा. तब मुझे शक हुआ. इसके बाद मैंने टीकाकरण रुकवाया और पुलिस को सूचना दी.’
I took Covishield vaccine at the camp to motivate people for taking jabs. But I never received a confirmation message from CoWIN. I lodged a complaint with Kolkata Police & the accused was arrested. He was using a car with a blue beacon & fake sticker: Mimi Chakraborty (2/2)
— ANI (@ANI) June 23, 2021
फर्जी वैक्सीनेशन अभियान में एक गिरफ्तारी
कोलकाता साउथ डिविजन के डीसी राशिद मुनीर खान ने बताया, ‘इस मामले में आरोपी देबांजन देब को गिरफ्तार किया गया है. उसने दावा किया है कि उसने टीकों की डोज की खरीदारी स्वास्थ्य भवन के बाहर और बागरी बाजार में की. हम सैंपल को जांच के लिए भेज रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके की जो टीके लगाए गए हैं वे फर्जी हैं या असली हैं.’ बता दें कि देबांजन देब ने कथित तौर पर एक आईएएस अधिकारी होने का दावा करते हुए मिमी चक्रवर्ती को शिविर में आमंत्रित किया था.
Source : Zee News
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