पटना. बिहार (Bihar) के नदियों और सरकारी तालाबों में मछली मारने वाले मछुआरों के लिए पशुपालन मत्स्य विभाग बड़ी पहल करने जा रहा है. पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) ने तय किया है कि अब नदियों और सरकारी तालाब और पोखरा में उन्हीं मछुआरों को मछली मारने की इजाज़त मिलेगी जिन्हें पशुपालन विभाग की तरफ़ से ज़ारी विशेष कार्ड उपलब्ध होगा. इस योजना के बारे में जानकारी पशुपालन मत्स्य विभाग के मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) ने दी है. मंत्री ने बताया कि आए दिन जो खबरें आती है की नदी या सरकारी तालाब या पोख़र  और मन में मछली मारने के विवाद में खूनी झड़प हो जाती है. कई बार इस झड़प में कुछ लोगों की मौत भी हो जाती है. यही नहीं इस वजह से माहौल भी ख़राब हो जाता है. साथ ही राजस्व का हानि भी होता है.

इसी सब को देखते हुए पशुपालन मत्स्य विभाग ने ये फ़ैसला लिया है और बहुत जल्द दस लाख कार्ड बनाए जाएंगे जो बिहार के तमाम ज़िलों के मछुआरों को बाटे जाएंगे जो मछली मारने का काम करते है.

मधुआरों के लिए कार्ड सिस्टम

बिहार के मछुआरों के लिए सरकार कार्ड सिस्टम लागू करने वाली है. यानी अगर आप किसी नदी, सरकारी तालाब या पोखर में मछली मारना चाहते है तो आपको कार्ड बनवाना होगा. जिनके पास कार्ड होगा वही मछली मारने का अधिकारी होगा. कार्ड धारियों को मछली मारने की सिर्फ़ इजाज़त ही नहीं मिलेगी बल्कि सरकार के तरफ़ से जो भी योजनाएं मछुआरों के लिए चलाई जा रही है उसका फ़ायदा भी कार्ड धारियों को ही मिलेगा. सरकार की मंशा है इस कार्ड योजना के पीछे की इससे अवैध मछली मारने की वजह से जो राजस्व का हानि होता है साथ ही कई बार हिंसक  झड़प हो जाती है उस पर भी रोक लगाई जा सके.

बिहार के पशुपालन मत्स्य मंत्री मुकेश सहनी ने ये भी बताया कि  मछुआरों को घाटा ना हो इसके लिए एक निर्धारित राशि दी जाती है वो भी अब से कार्ड धारियों को ही मिलेगी. यानि अब बिहार के  मछुआरे कार्ड धारी हो जाएंगे.

Source : News18

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