कोरोना काल में देवताओं का दर्शन भी दुर्लभ है। सभी मंदिर बंद हैं। बिहार सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है। अनलॉक में भी मंदिर बंद रखे जाने हैं। आप बिहार के किसी मंदिर में भगवान का दर्शन नहीं कर सकते, बशर्ते आप जिलाधिकारी हों। जी, मुंगेर में नए-नए आए जिलाधिकारी नवीन कुमार शनिवार को प्रसिद्ध चंडिका स्थान पहुंचे थे। DM साहब आए, वो भी सपरिवार, तो मंदिर के पट कैसे न खुलते? पुजारी भी मजबूर हो गए।

फिर क्या था, DM साहब के लिए बिहार सरकार के कोरोना गाइडलाइन को तोड़कर 5 मई से बंद चंडिका स्थान के पट खोले गए। पूरे भक्ति-भाव से मंदिर के गर्भ-गृह में चंदन बाबा के द्वारा पूजा-अर्चना करवाई गई।

इस बीच किसी ने यह कहने की हिम्मत नहीं की कि मंदिर को कोरोना संक्रमण के कारण बंद किया गया है। DM के आते ही सभी पंडा यह भूल गए कि मंदिर बंद होने के कारण ही उनकी आजीविका भी पूरी तरह प्रभावित है। उन्हें भोजन के लाले पड़े हुए हैं। इस देवी-दर्शन की तस्वीर सामने आने के बाद भास्कर ने DM नवीन कुमार से उनका पक्ष लेना चाहा, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

दर्जनों श्रद्धालु मंदिर के बंद द्वार पर करते रहे पूजा

एक ओर जहां VIP श्रद्धालुओं की पूजा मंदिर के गर्भ-गृह में चल रही थी, वहीं दूसरी ओर दर्जनों श्रद्धालु बेबस और लाचारी भरी आंखों से यह नजारा देखते रहे और मंदिर के बाहर पूजा करते रहे। मंदिर जैसे पवित्र स्थान में भी हुआ यह भेद-भाव वाकई हैरान करने वाला है।

Input: dainik bhaskar

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