राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हाल में ही अपने गृह जनपद कानपुर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी सैलरी के बारे में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि मुझे 5 लाख प्रति महीना तनख्वाह मिलती है जिसमें से पौने तीन लाख तक चला जाता है हमसे ज्यादा बचत तो एक टीचर की होती है। उनके इस बयान पर लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
राष्ट्रपति बोले- मुझे 5 लाख प्रति महीना तनख्वाह मिलती है जिसमें से पौने 3 लाख टैक्स चला जाता है, हमसे ज्यादा बचत तो एक टीचर की होती है#presidentkovind #UttarPradesh pic.twitter.com/D6MAgmFCZm
— News24 (@news24tvchannel) June 27, 2021
@puneetsinghlive टि्वटर हैंडल से सवाल करते हुए लिखा गया कि राष्ट्रपति जी भी टैक्स देते हैं क्या? एक ट्विटर यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा कि जहां तक मैं पढ़ी हूं मुझे ज्ञात है कि राष्ट्रपति के वेतन एवं भत्ते टैक्स फ्री होते हैं? @68pradeepgupta टि्वटर हैंडल से इस विषय पर जांच करने की बात करते हुए लिखा गया कि, ‘भारतीय क़ानून ने तो महामहिम राष्ट्रपति जी को आयकर से छूट दे रखी है अब राष्ट्रपति जी पौने तीन लाख रुपये महीना टैक्स किसको दे रहे हैं , ये देश को पता होना चाहिए’।

एक ट्विटर यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘तो क्या माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बचत के लिए राष्ट्रपति बने थे? एक बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के राष्ट्रपति के लिए उसे कितना वेतन मिलता है और कितना वो बचत करता है क्या ये मायने रखता है? वैसे एक राष्ट्रपति पर सालाना कुल व्यय कितना होता है वो बहुत ही बड़ी रकम होती है’।

स्वतंत्र पत्रकार रणविजय सिंह ने इस पर लिखा कि, ‘आप सब मज़ाक ले रहे हैं, लेकिन यह गंभीर मसला है। लोग टैक्स की कटौती से परेशान हैं और इस परेशानी से राष्ट्रपति भी अछूते नहीं। हालांकि उनका ज्यादा कट रहा है, 50% + टैक्स में जा रहा। सरकार थोड़ा ख्याल करे।न हो तो पेट्रोल डीजल पर और टैक्स बढ़ा दे, लेकिन हमारे राष्ट्रपति को राहत दे’।
Input: jansatta







