अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर नीतीश सरकार अपने ही लोगों के आरोपों से घिर गई है। समाज कल्याण विभाग के मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता ने खुलेआम आरोप लगाया है। मंत्री ने तो इस्तीफे तक की बात कर दी है। ऐसे में महागठबंधन के नेताओं को बोलने का पूरा मसाला मिल गया है। उनका कहना है कि सरकार पर उनके आरोप सच निकले। RJD के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि सरकार के दीये का तेल खत्म हो गया है और वह भभक रही है। बुझने से पहले की पूरी स्थिति तैयार है।

RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमेशा कहा है कि नीतीश कुमार संस्थागत भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं। यह बात अब नीतीश कुमार के लोग ही सिद्ध करने में लगे हैं। ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू और मदन सहनी के आरोप बहुत गंभीर हैं। कहा कि एक खास वर्ग के लोगों का विकास हुआ है, जिसकी आबादी तीन फीसदी है। कहा कि JDU चंदा वसूली अभियान चलाकर सारे लेन-देन के रुपए को वैध करना चाहती है।

CM के इर्द-गिर्द वाले अफसरों की चल रही : कांग्रेस
कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा, ‘बिहार में नीतीश कुमार के कार्यकाल में अफसरों का मन-मिजाज आसमान पर है। अफसर न तो मंत्रियों को कुछ समझते हैं और न ही विधायकों को। लोकतंत्र की हत्या हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू और जदयू कोटे से मंत्री मदन सहनी ने भी पोल खोल दी है। मुझे भी इसकी सूचना है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भारी पैमाने पर पैसे का लेनदेन हुआ है। ऊपर से नीचे तक किसी की चल रही है तो वह सिर्फ मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द वाले IAS अफसरों की चल रही है। डॉ. जगन्नाथ मिश्रा हों या लालू प्रसाद, इन सभी के समय विधायकों और मंत्रियों का सम्मान था। अब तो लूटखसोट है और विधायकों का अपमान है’।

उगाही और उसके बाद बंटवारे का खेल चल रहा : माले
भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि सरकार में शामिल दोनों पार्टियों JDU-BJP के लोग आरोप लगा रहे हैं तो सही ही लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई डॉक्टर हमारे संपर्क में हैं और वे बताते हैं कि मनचाहे ट्रांसफर में 4 लाख रुपए लिए जाते हैं। उगाही होती है और उसका बंटवारा भी होता है। यह विभिन्न विभागों में फ्लैट रेट है।
Input : Dainik Bhaskar






