सरकारी व्यवस्था पर हमेशा तंज कसने वाले सीतामढ़ी के नगर विधायक डॉ. मिथिलेश कुमार रविवार सुबह एक नए अंदाज में नजर आए। गंजी-गमछा में विधायक जी को पानी में उतरकर जलजमाव का नाजारा देखते हुए लोग भावविह्वल हो उठे। लोगों ने माना कि अगर ये पब्लिसिटी स्टंट साबित न हुआ तो उम्मीद की जा सकती है कि शहरवासियों को तुरंत जलजमाव से मुक्ति मिल सकेगी।

वार्ड नंबर 19 में सिंह कॉलोनी में विधायक पहुंचे तो वहां भारी जलजमाव के बाद अपनी शर्ट और पैंट उतारकर गंजी और गमछा धारण कर लिया। ऐसी परिस्थितियों में नेता-अधिकारी अक्सर दूर से ही नाजारा देखकर लौट जाते हैं, मगर विधायक ने ऐसा नहीं कर दूसरों के लिए एक बानगी पेश की। लगभग तीन फीट पानी में घूम-घूमकर मोहल्लेवासियों का दुख-दर्द देखा। उनके करीब गए और उनसे उनकी आपबीती सुनी। जिन लोगों ने विधायक से अपना दुखड़ा सुनाया उनको भी हमदर्दी का अहसास हुआ तो दूसरे लोगों ने विधायक के इस कदम की जमकर प्रशंसा की।

शहर के वार्ड 18, 19 स्थित सिंह कालोनी, वार्ड 20 स्थित इंदिरा नगर, चाणक्यपुरी सहित कई मुहल्लोमे जाकर जलजमाव में फंसे लोगों का हाल जाना। तुरंत जलनिकासी कराने का आश्वासन भी दिए। रिंग बांध वार्ड-20 में बंद स्लूस गेट का भी निरीक्षण किया। स्लूस गेट खुलवाने के लिए स्थानीय लोग व अधिकारी से बात की। ये भी कहा कि स्लूस गेट खुलवाने में किसी का नुकसान नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जाए।सरकारी व निजी जमीन के विवाद को सुलझा लिया जाए। मौके पर जदयू नेता राहुल सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक निर्भय सिंह, अजय सिंह, समाजसेवी पिंटू सिंह, बंटी सिंह, राजु सिंह, प्रो. बालेश्वर सिंह, अधिवक्ता सुरेश सिंह, अमृतेश कुमार, अनिल सिंह, मुन्ना सिंह, निर्भय सिंह, जयकिशोर साह, सोनू कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

ईओ व सदर एसडीओ से विधायक ने पानी से ही मिलाया फोन
सीतामढ़ी शहर के रिंगबांध स्थित स्लूस गेट का भी निरीक्षण किया। ऑन स्पॉट उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी सदर राकेश कुमार से मोबाइल पर बात की। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत शर्मा को भी फोन मिलाया। दोनों अधिकारियों को कहा कि तत्काल पंपिंग सेट लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था की जाए।

विधायक ने कहा कि जैसे हमने रघुनाथपुरी मोहल्ले में पथ व नाला निर्माण कार्य की स्वीकृति दिलाई है, उसी तरह से वार्ड-19 की सिंह कॉलोनी के लिए भी विभाग को प्रस्ताव भेजकर यह काम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तत्काल पंपसेट लगाकर पानी निकाला जाएगा। नगर परिषद और जिला प्रशासन के पास यदि पंपिंग सेट के लिए पैसा नहीं होगा तो मैं चंदा इकट्ठा करके वह काम भी करवाऊंगा।
Input: dainik jagran






