महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रिवाल के क्षेत्र विकास निधि से 89 लाख रुपए गायब करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमें एक-दो नहीं बल्कि अबतक झारखंड, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के जालसाजों की संलिप्तता के साक्ष्य हाथ लगे हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने झारखंड से अप्रैल में गिरफ्तार किए गए दो जालसाजों के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी है। वहीं महाराष्ट्र के दो अपराधियों का छपरा कोर्ट में उपास्थापन किया गया है। हालांकि, गिरोह का सरगना अभी गिरफ्त से दूर है।
चेक क्लोन कर निकाले गए 89 लाख रुपए
महाराजगंज के सांसद क्षेत्र वकास निधि का खाता छपरा के बैंक ऑफ बड़ौदा में है। इस खाते के दो चेक को क्लोन कर जालसाजों ने कुल 89 लाख रुपए निकाल लिए थे। इस मामले में अबतक 6 जालसाजों के नाम सामने आए हैं। इनमें विनय कुमार सिंह उर्फ विन्सन सोय और इंजीनियर कर चुका जगजोत सिंह (दोनों पूर्वी सिंहभूम) को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। इससे संबंधित केस छपरा टाउन थाने में 25 नवंबर 2020 को दर्ज किया गया था। अनुसंधान के बाद ईओयू ने इनके खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। वहीं चार के खिलाफ अनुसंधान अभी जारी है। इनमें महाराष्ट्र के अहमदनगर जेल में बंद संदीप मांगीलाल कोठारी और गणेश विठ्ठल गावडे को रिमांड किया है। इनका प्रोडक्शन छपरा कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करा दिया गया है। विनय कुमार सिंह मुंबई के मरीन ड्राइव थाना के एक मामले में सजा काट चुका है।

