जाति जनगणना (Caste Census) के मुद्दे पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने अपना रुख साफ कर दिया है. नीतीश ने ट्वीट कर कहा है कि देश में निश्चित रूप से जाति जनगणना होनी चाहिए और इसमें SC/ST जातियों के साथ-साथ OBC की भी अलग से गिनती की जानी चाहिए. उधर नीतीश के इस ट्वीट के जवाब में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भी जदयू सरकार को निशाने पर लिया है. तेजस्वी ने कहा कि जदयू तो मोदी कैबिनेट का हिस्सा है, ऐसे में मुख्यमंत्री किससे अपील कर रहे हैं.
माननीय मुख्यमंत्री जी, केंद्र सरकार अगर जातीय जनगणना पर पुनर्विचार नहीं करेगी तो आप क्या करेंगे? हमारी माँग पर बिहार विधानसभा में सर्वसम्मति से जातिगत जनगणना का प्रस्ताव पारित किया गया था।
केंद्र सरकार में आपकी हिस्सेदारी है। आपके कैबिनेट मंत्री है फिर भी अनुनय विनय कर रहे है? https://t.co/Uvzb8CcnyG
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 24, 2021
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को साफ़ कहा कि एससी-एसटी के अलावा भी अन्य कमजोर वर्ग की वास्तविक संख्या की जानकारी होना जरूरी है. इससे सभी के लिए विकास योजनाएं बनाने में सहायता मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर आग्रह करेंगे कि जातिगत जनगणना कराई जाए. सीएम नीतीश ने ट्वीट कर लिखा- हम लोगों का मानना है कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए. बिहार विधान मंडल ने 18 फरवरी 2019 एवं पुनः 27 फरवरी 2020 को सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था तथा इसे केंद्र सरकार को भेजा गया था. केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए.

तेजस्वी ने साधा निशाना
उधर तेजस्वी ने नीतीश के ट्वीट के जवाब में लिखा- माननीय मुख्यमंत्री जी, केंद्र सरकार अगर जातीय जनगणना पर पुनर्विचार नहीं करेगी तो आप क्या करेंगे? हमारी मांग पर बिहार विधानसभा में सर्वसम्मति से जातिगत जनगणना का प्रस्ताव पारित किया गया था. केंद्र सरकार में आपकी हिस्सेदारी है। आपके कैबिनेट मंत्री है फिर भी अनुनय विनय कर रहे है?

तेजस्वी यादव ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों से इतनी नफ़रत क्यों है. तेजस्वी का कहना है कि जब तक पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या पता नहीं चलेगी तब तक उनके फायदे की योजनाएं कैसे बनेगी. तेजस्वी ने कहा कि बिहार के दोनों सदनों में बीजेपी जातीय जनगणना का समर्थन करती है लेकिन संसद में बिहार के ही कठपुतली मात्र पिछड़े वर्ग के राज्यमंत्री से जातीय जनगणना नहीं कराने का एलान कराती है. केंद्र सरकार ओबीसी की जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती?
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने भी केंद्र से मांग
जदयू उपाध्यक्ष और बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. गुलाम गौस ने भी केंद्र सरकार से जातीय जनगणना की उपेक्षा न करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इससे जनता में गलत संदेश जाएगा. पिछड़ी जातियों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी. गौस ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार कांग्रेस पार्टी की भूल को न अपनाए, उन्होंने आश्चर्य जताया कि हमारे देश में किन्नरों की गिनती हो सकती है तो पिछड़ों की क्यों नहीं?
Input: tv9






