पटनाः बिहार सरकार ने बालू के अवैध खनन के मामले में दो आईपीएस अधिकारी सुधीर कुमार पोरिका व राकेश दुबे समेत 17 पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निलंबित कर दिया है. बताया जाता है कि इसमें औरंगाबाद और भोजपुर के तत्कालीन एसपी, डेहरी के एसडीओ सुनील कुमार सिंह, चार एसडीपीओ, तीन अंचलाधिकारी, छह खनन पदाधिकारी और एक मोटरयान निरीक्षक शामिल हैं.
गृह विभाग ने अपने आदेश में भोजपुर के तत्कालीन एसपी राकेश दुबे और औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार पोरिका की अवैध बालू खनन व ढुलाई में शामिल रहने का आरोप लगाया है. इन दोनों अफसरों पर बालू के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, इसमें संलिप्त लोगों को मदद पहुंचाने आदि से संबंधित आरोप लगाए गए हैं.
निलंबन अवधि में मिलेगा सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता
वहीं, यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के बाद डीजीपी की अनुशंसा पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है. निलंबन अवधि में दोनों एसपी का मुख्यालय पटना रेंज के आईजी का कार्यालय होगा. विभागीय कार्रवाई के लिए आदेश अलग से जारी किया जाएगा. दोनों एसपी समेत सभी 17 पदाधिकारियों को निलंबन अवधि में सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
औरंगाबाद सदर के तत्कालीन एसडीपीओ अनूप कुमार, भोजपुर के पंकज कुमार रावत, पाली के तनवीर अहमद और डेहरी के संजय कुमार को राज्य के सुरक्षा हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने, कर्तव्य के प्रति उदासीनता, लापरवाही व सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया है.
बताया जाता है कि इन सभी अफसरों को आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले ही पद से हटा दिया गया था. अब मंगलवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है. इसके अलावा बिहटा के सीओ विजय कुमार सिंह और बिक्रम के सीओ वकील प्रसाद सिंह को उनके पद से हटाते हुए उनकी सेवा उनके पैतृक विभाग क्रमश: सहकारिता विभाग व योजना विकास विभाग में वापस कर दी गई है.
Source : ABP News

