बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) से बुधवार को माल और सेवाकर संशोधन विधेयक पारित हो गया. इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी. फर्जी टैक्स चोरी की घटनाओं पर भी लगाम कस सकेगी. पहले लोग फर्जी बिल बनाकर ITC चोरी कर लेते थे. अब जब तक माल खरीद कंपनी आईटीसी राशि जमा नहीं कराती है तब तक माल खरीदने वाले कारोबारियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा. बिजनेसमैन को राहत (Relief For Businessman) देने के लिए आयकर ऑडिट को जीएसटी में मान्य करार दिया गया है.

अब कारोबारियों को आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल कराने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट से अलग से ऑडिट नहीं कराना होगा. विधानसभा में इस बिल को रखते हुए सह वाणिज्यकर मंत्री ने कहा कि टैक्स चोरी होने से रोकने और बिजनेसमैन के हित को ध्यान में रखकर ही जीएसटी में संशोधन (GST Amendment) किया गया है. रजिस्टर्ड कारोबारियों की मांग पर रही केंद्र और राज्य सरकार ने कानून में संशोधन किया है.

अब बची हुई राशि पर ही भरना होगा टैक्स

अब टैक्स जमा करने में देरी होने पर उन्हें आईटीसी घटाने के बाद बची हुई राशि पर ही ब्याज देना होगा. अब तक उन्हें पूरी राशि पर ब्याज देना होता था. इस संशोधन कानून का फायदा जीएसटी लागू होने की तारीख से ही मिलेगा. पहले अगर व्यापारी अगर समय पर टैक्स जमा नहीं कर पात थे तो उन्हें पूरी रकम पर ब्याज भरना होता था.लेकिन अब कानून में संशोधन के बाद सिर्फ बची हुई राशि पर ही टैक्स देना होगा.

Input: tv9

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