पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की 989 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन किया. पटना के अधिवेशन भवन में 2705 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली इन परियोजना शुभारंभ करने के साथ ही उन्होंने जश्न-ए-टीका पोर्टल को भी लॉन्च किया. इस मौके पर उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे. राजधानी स्थित आइजीआइएमएस मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हास्पिटल में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के नए भवन, एलएनजेपी हड्डी अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर और राजेंद्र नगर स्थित आइ सुपरस्पेशियलिटी हास्पिटल व पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में जीविका दीदी की रसोई का उद्घाटन किया गया. वहीं, पीएमसीएच, एनएमसीएच में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन प्लांट का सीएम नीतीश ने लोकार्पण किया.

इसके साथ ही सीएम नीतीश ने आईजीआईएमएस में 1200 बेड के नए अस्प्ताल का भी शिलान्यास किया. हालांकि, इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान को नए भवन में इलाज शुरू करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा. इसके अतिरिक्त सीएम ने आयुष टेली कंसल्टेशन एप का का भी शुभारम्भ किया. इस एप के जरिये आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथ के चिकत्सकों से परामर्श लिया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने ई संजीवनी ओपीडी एप का भी आगाज किया.
इस अवसर पर सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सीएम ने बधाई देते हुए कहा कि 2006 के फरवरी में सर्वे का नतीजा आया था. पता चला था कि पीएचसी में एक माह में 39 मरीज जाते थे. अब औसतन एक माह में 10 हजार के करीब मरीज पहुंच रहे हैं. जितनी योजनाओं का आज शिलान्यास हुआ उसका काम पूरा होते ही किसी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. पुरानी चीजों को लोग अब भूल रहे हैं और पहले से अब कितना बदलाव हुआ, यह सब सोशल मीडिया पर डालना चाहिए.
सीएम ने कार्यक्रम की भी तारीफ करते हुए कहा कि टेली मेडिसिन के माध्यम से काफी सुविधा मिल रही है. दूसरे देशों में कोरोना बढ़ने लगा है. कोरोना के दौर में केंद्र सरकार की सहायता मिली. राज्य सरकार के द्वारा 10 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किये गए. हमलोग काम करते हैं प्रचार नहीं करते हैं. हमलोग कोरोना में मरने वालों के आश्रितों को 4 लाख दे रहे हैं, पर प्रचार नहीं करते. लेकिन, दूसरे राज्य तो 50 हजार दे रहें तो विज्ञापन छपवा रहे है. उनका इशारा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर था. सीएम ने फिर दोहराया कि बिहार के लोगों की अगर बिहार के बाहर मृत्यु होती है तो अब 4 लाख मिलेगा.

मख्यमंत्री ने राज्य में टीकाकरण पर कहा कि हमलोगों ने तय कर लिया है कि साल के अंत तक 6 करोड़ लोगों का टीकाकरण कराएंगे. केंद्र में तय हो जाएगा कि 12 साल से ऊपर का भी टीकाकरण होगा तो यहां भी करवाया जाएगा. कोरोना जांच अभियान सतत रूप से चलना चाहिये. जांच नहीं करेंगे तो सैकड़ों लोग प्रभावित होंगे. शहर से लेकर गांव तक जांच की व्यवस्था की गई है. सीएम नीतीश ने कहा कि हमलोगों की अब इच्छा है कि अब 2 लाख से ज्यादा प्रतिदिन जांच कराए जाएं.
सीएम ने कहा कि तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर सभी अस्पतालों में इंतजाम करा लिया गया है. प्रशासन से कहा गया है कि लोगों को अलर्ट रखें. कोरोना में कहीं निकल नहीं पाते तो मन दुखी रहता है.सीएम ने लोगों से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि तीसरी लहर को लेकर सावधानी बरतें. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सबको जागरूक कीजिये, जांच करवाइए, टीका दिलवाइये.
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग के लिए बहुत बड़ा दिन है. जहां हम चुनौतियों से जूझ रहे थे, वहीं लक्ष्य के प्रति भी समर्पित थे. मैं जबसे स्वास्थ्य मंत्री बना हूं पहली बार इतनी बड़ी 989 योजनाओं का शुभारंभ कर रहा हूं. हमलोगों ने संकल्प लिया था और 34 दिनों में योजनाओं का शिलान्यास करा दिया. तीसरी लहर में ऑक्सीजन की बड़ी चुनौती थी. हमने लक्ष्य रखा है 122 ऑक्सीजन प्लांट को 31 अगस्त तक शुरू करेंगे.
मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में साढ़े 6 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर पहुंचाये जा चुके हैं. बाईपेप मशीन 169 जगहों पर लगायी गई है. राज्य के अंदर 1269 एम्बुलेंस चल रहे हैं. 69 शव वाहन चलाये जा रहे हैं. सभी प्रखंडों में एडवांस लाइफ स्पोर्ट एम्बुलेंस अगले 3 महीने में उपलब्ध कराया जाएगा. ग्रामीण इलाकों में 30 मिनट और शहरी इलाकों में 20 मिनट में एम्बुलेंस पहुंचने का लक्ष्य है.




