राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव (RJD President Lalu Yadav) के दोनों बेटों तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के बीच तनातनी की खबरें हैं. शुक्रवार को इसमें तब और तल्खी आ गई जब तेज प्रताप यादव छोटे भाई तेजस्वी से मिलने राबड़ी देवी (Rabri Devi) के आवास पर गए. इस दौरान दोनों की मुलाकात तो नहीं हुई लेकिन मीडिया में आकर तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप को अनुशासन में रहने की नसीहत दे दी. इसके बाद से ही तेज प्रताप ने भी अपने तेवर बदल लिए और बिहार में बाढ़ के बीच तेजस्वी यादव के दिल्ली जाने को लेकर सवाल उठा दिया.

हालांकि तेज प्रताप यादव अक्सर खुद को कृष्ण और छोटे भाई अर्जुन कहते हैं. वे उनसे अच्छे संबंधों की बात भी अक्सर कहते हैं. लेकिन इतना तय है कि तेजस्वी के करीबी व उनके राजनीतिक सलाहकार संजय यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह उनके निशाने पर रहते हैं. सियासी गलियारों में तो यही चर्चा है कि दोनों भाईयों के तेवर से तो यही लगता है कि अब बात बिगड़ गई है. लेकिन, तेज प्रताप यादव के ताजा ट्वीट ने आग में पानी डालने का काम किया है.

तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी से अच्छे संबंधों की दुहाई देते हुए ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने लिखा, ‘चाहे जितना षड्यंत्र रचो, कृष्ण- अर्जुन की ये जोड़ी को तोड़ नहीं पाओगे!’
बता दें कि इससे पहले तेजप्रताप ने तेजस्वी को बच्चा, जगदानंद सिंह को शिशुपाल और संजय यादव को दुर्योधन बताया था. दरअसल शुक्रवार को लालू के बड़े बेटे अपने छोटे भाई से मिलने के लिए पहुंचे थे, पर उनकी तेजस्वी से बात नहीं हो पाई. इसके बाद तेजप्रताप तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव पर भड़क गए थे. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि संजय यादव उनके और तेजस्वी के बीच आने वाले कौन होते हैं.

दरअसल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मिलने के लिए राबड़ी आवास पहुंचे राजद विधायक और लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप चंद मिनटों के बाद ही बाहर निकल गए. इस दौरान वे काफी गुस्से में दिखे. पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम तेजस्वी यादव से बात कर रहे थे तो संजय यादव ने हमें रोक दिया. हमको रोकने वाला वह कौन होता है. पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या संजय यादव दोनों भाइयों के बीच विवाद पैदा कर रहे हैं तो तेजप्रताप ने हां में जवाब दिया.
Input: News18



