गांवों में पंचायत चुनाव की हलचल शुरू है़ संभावित प्रत्याशी मतदाता को रिझाने के साथ-साथ एक योग्य प्रस्तावक की तलाश में जुटे हैं. निर्वाचन आयोग ने जिस तरह प्रत्याशी बनने की शर्तें लगा रखी है,उसी तरह प्रस्तावक बनने के लिये भी शर्ते निर्धारित कर रखी है. त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में एक साथ छह पदों के लिये चुनाव होना है.

इसमें, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, पंच तथा जिला परिषद सदस्य शामिल है. हर प्रत्याशी को चुनाव लड़ने के लिये नामांकन करना है, इसके लिये उन्हें प्रस्तावक की आवश्यकता है. चुनाव आयोग के गाइडलाइन के मुताबिक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किसी पद के प्रस्तावक होने के लिये संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है.

संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर वह व्यक्ति किसी अभ्यर्थी का प्रस्तावक नहीं बन सकता है़ इसके साथ ही उसका उम्र 21 वर्ष से से अधिक होना है, 21 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति किसी प्रत्याशी का प्रस्तावक नहीं बन सकता है. इसके साथ उसे देश का नागरिक होना चाहिये. केन्द्र व राज्य सरकार सहित किसी स्थानीय प्राधिकार की सेवा में रहने वाले व्यक्ति प्रस्तावक बनने के योग्य नहीं होंगे.

सक्षम न्यायालय द्वारा विकृचित घोषित व्यक्ति एवं कोर्ट से राजनीतिक अपराध से अलग किसी भी अपराध के लिये छह महीने की कारावास सजा पाने वाले व्यक्ति भी किसी प्रत्याशी का प्रस्तावक नहीं बन सकेंगे. चुनाव आयोग के गाइडलाइन के मुताबिक एक सक्षम व्यक्ति एक ही अभ्यर्थी का का प्रस्तावक बन सकता है.
ऐसी स्थिति में प्रत्याशियों के सामने प्रस्तावक को चुनना भी एक गंभीर मसला बना हुआ है़ संभावित प्रत्याशी पहले से अपने लिये प्रस्तावक तलाशने में जुटे हैं. यहां तक न्याय मित्र, विकास मित्र, टोला सेवक, दलपति, रसोइया, मानदेय पर कार्यरत कर्मी, गृहरक्षक, सरकारी वकील, विशेष शिक्षा परियोजना, साक्षरता अभियान, शिक्षा केन्द्र पर मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक भी किसी प्रत्याशी का प्रस्तावक बनने की योग्यता नहीं रखते हैं.
Input: Prabhat Khabar



