देश में जातीय जनगणना कराने को लेकर सोमवार को बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश ने दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी बातों को गंभीरता से सुना. काफी सकारात्मक बातचीत हुई. अब हमें उनके निर्णय का इंतजार है. इधर, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तस्वीर वायरल हो रही है.

विपक्ष देश हित के मुद्दों पर साथ

तस्वीर पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. लोग दोनों नेताओं के नजदीकियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इधर, जब सियासी नजदीकियों के संबंध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” राष्ट्र हित के लिए जब भी काम हुआ है, तब विपक्ष कई बार सत्ता पक्ष के साथ रहा है और आगे भी रहेगा. कोरोना काल में भी हम सरकार के साथ थे. हमने कोरोना काल में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा था कि जो सहयोग चाहिए बोलिए, हम सहयोग देने के लिए तैयार हैं.

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बिना आंकड़े के कैसे होगा जनकल्याण?

इधर, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, ” राष्ट्र हित के लिए बिहार की दस पार्टियों के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री से मिलने आए, क्योंकि ये ऐतिहासिक काम होगा जिससे सबको लाभ होगा. मंडल कमीशन से पहले किसी को पता ही नहीं था कि कितनी जातियां हैं. मंडल कमीशन के बाद पता चला कि देश में हजारों जातियां हैं. एक बात समझने की जरूरत है कि जब धर्म के आधार पर काउंटिंग हो सकती है, पेड़-पौधों और जानवरों की गिनती हो सकती है, तो सभी जातियों की भी होनी चाहिए. आंकड़ा ही नहीं रहेगा तो जनकल्याण के लिए योजनाएं कैसे बनेंगी. किसी राज्य के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है.”

नीतीश, तेजस्वी, समेत बिहार के 10 दलों ने जातिगत जनगणना के समर्थन मे की मोदी से मुलाकात

उन्होंने कहा, ” आज तो ऐतिहासिक काम हुआ. पहली बार किसी राज्य की सभी पार्टियों के नेताओं ने मिलकर किसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत की. यूपीए सरकार के वक्त जनगणना कराई गई थी. लेकिन बीजेपी सरकार आने के बाद आंकड़े सार्वजनिक नहीं हो पाए. ऐसा कहा गया कि डाटा करप्ट कर गया है.”

बस एक कॉलम ही तो जोड़ना है

तेजस्वी ने कहा, ” जातीय जनगणना क्यों होनी चाहिए ये हमने कई बार बताया. इसका किसी ने विरोध नहीं किया. अगर जातीय जनगणना से उन्माद फैलेगा, जातिवादी कहे जाएंगे, तो धर्म की भी गिनती नहीं होनी चाहिए. क्यों करा रहे गिनती? उसमें भी दंगे हो सकते हैं. लेकिन अब तक ऐसा हुआ क्या. रही बात खर्चे की तो बस एक कॉलम ही तो जोड़ना है. जब सबकी गिनती के लिए हो रहा है, तो इसके लिए भी होना चाहिए. आंकड़े पता होंगे तभी तो रिजर्वेशन में भी लोगों को सहूलियत होगी.”

आखिर में तेजस्वी ने कहा, ” जातीय जनगणना कराने को लेकर बातचीत हुई, इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं. मुख्यमंत्री ने हमारी बात मान कर प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा और प्रधानमंत्री ने हमारी बातें सुनी, इसके लिए धन्यवाद. अब बस हमें इंतजार है क्योंकि आखिरी निर्णय उन्हें ही लेना है. ये केवल बिहार के लिए नहीं है. पूरे देश के लिए मांग की गई है.”

Source : ABP News

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