राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार द्वारा गुरुवार दोपहर 12.30 बजे अपने सरकारी कार्यालय में वार्षिक भूमि सर्वेक्षण प्रगति रिपोर्ट का शुभारंभ किया गया. प्रगति रिपोर्ट में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के स्वरुप एवं कार्यों का संक्षिप्त विवरण के साथ विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त प्रक्रिया अंतर्गत 2011 में अधिनियम निर्माण के पश्चात् किये गए कार्यों की संक्षिप्त एवं सारगर्भित जानकारी मौजूद है.

वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पुस्तिका का लोकार्पण करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार ने विभाग के अधिकारियों के प्रति हर्ष व्यक्त करते हुए कहा की विभाग के अधिकारियों द्वारा निश्चित समय सीमा में हवाई सर्वेक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है और वर्तमान में भौतिक सत्यापन व जांच के कार्य पूर्ण करने में जुटे हैं जो वर्तमान में 20 जिलों में निर्बाध गति से जारी है. वहीं सूबे के कई प्रखंडों में सर्वे के बाद विभाग अब खतियान देने हेतु मुकम्मल तौर पर तैयार हो चुका है.

उन्होंने बताया की ऐसे ही 80 गाँव में सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है जिसमें अक्टूबर माह से लोगों को खतियान उपलब्ध कराया जा सकेगा, इस बीच कुछ त्रुटियां और तकनीकी खामियां है जिसे दुरुस्त किया जा रहा है.  20 जिलों के अलावा बचे जिलों में भी सर्वे का कार्य प्रगति पर हैं, जिसमें लगभग आधा दर्जन बड़े जिलों का चयन कर स्थायी कार्यालय और प्रशिक्षण आदि का कार्य जनवरी 2022 तक प्रारम्भ कर दिया जायेगा. मंत्री श्री कुमार ने बताया की सर्वे में जांच व भौतिक रूप से सत्यापन उपरांत वितरण करने के साथ ही खतियान को ऑनलाइन भी अपलोड किया जायेगा.

उन्होंने मीडिया के माध्यम से बिहारवासियों से अपील करते हुए कहा है की अपनी-अपनी जमीन का भौतिक सत्यापन और जांच अवश्य करा लें. जिन इलाकों में सर्वे हो चूका है, हो रहा है या होने वाला है, वहाँ के निवासी एक बार विभाग के कैम्प के अधिकारियों यथा बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी, अमीन से मिलकर अपनी जमीन का भौतिक सत्यापन और जांच करवा लें, अन्यथा ऐसा न हो की भविष्य में उन्हें न्यायालय का चक्कर लगाना पड़े. उन्होंने इसके सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की चूँकि अभी सर्वे का कार्य प्रगति पर है और सरकार की पूरी व्यवस्था और संसाधन मौजूद हैं. किसी को भविष्य में कोई परेशानी न हो इसके लिए कैम्प में बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी, अमीन आदि अधिकारी जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु बहाल हैं, जिनसे मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए जमीन की जांच और भौतिक सत्यापन करवा सकते हैं, जिसके लिए आपको स्वतः घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा.

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार द्वारा लोकार्पित वार्षिक भूमि सर्वेक्षण प्रगति रिपोर्ट में महत्वपूर्ण बिंदुओं में वर्ष 2019-2020 एवं वर्ष 2020-2021 में निदेशालय द्वारा किये गए महत्वपूर्ण कार्यों का बिंदुवार विस्तृत प्रतिवेदन अंकित है. वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन में विशेष सर्वेक्षण हेतु चयनित जिलों में सर्वेक्षण के प्रगति का ब्यौरा और निदेशालय अंतर्गत राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान, पटना एवं बोधगया में राजस्व एवं सर्वे से सम्बंधित प्रशिक्षण हेतु संसाधनों की उपलब्धता एवं सुविधाओं के विकास हेतु किये जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों के विस्तृत सूचना के साथ ही उपलब्ध संसाधन एवं सुविधाओं की जानकारी भी  शामिल है.

वार्षिक प्रगति रिपोर्ट में प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार एवं कार्यशाला से सम्बंधित बिंदुवार जानकारी उपलब्ध है. डीआईएलआरएमपी प्रोग्राम और बीपीएमयू की संरचना एवं आय-व्यय का अद्यतन ब्यौरा और डाटा केंद्र सह आधुनिक अभिलेखागार भवन की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराये गए संसाधन, आवंटन इत्यादि की विस्तृत जानकारी प्रतिवेदन में अंकित की गई है.राजस्व मानचित्रों के डी डिजिटाइजेशन एवं रैयतों को उपलब्ध कराये जाने वाले मानचित्रों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध है. राज्य में हवाई फोटो (ड्रोन फोटोग्राफी)  के कार्यों का जिलावार प्रगति प्रतिवेदन के साथ ही  कार्यालय, गुलजारबाग पटना द्वारा विक्रय किये गए मानचित्रों एवं अन्य कार्यों का प्रतिवेदन विवरण के साथ स्पष्ट उल्लेखित है. निदेशालय द्वारा आम नागरिकों को उपलब्ध कराइ जाने वाली सेवाओं एवं जन जागरूकता के सम्बन्ध में किये गए कार्यों का विस्तृत विवरण भी प्रतिवेदन में मौजूद है. साथ ही 2019-2020 और 2020-2021 में प्रकाशित पुस्तिकाओं की जानकारी भी उल्लेखित की गई है. मंत्री रामसूरत कुमार द्वारा जारी वार्षिक प्रतिवेदन पुस्तिका में निदेशालय की स्थापना, संविदा अमीनों के नियोजन, पदों का विवरण एवं निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप की सम्बन्धी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है. विभाग द्वारा सूबे के 20 जिलों के 89 अंचलों में 208 विशेष सर्वेक्षण शिविर स्थापित कर नव नियोजित कर्मियों के पदस्थापन एवं कार्य के प्रारम्भ होने की बिंदुवार जानकारी उपलब्ध हैं.

वार्षिक भूमि सर्वेक्षण प्रगति रिपोर्ट में विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त हेतु विकसित सॉफ्टवेयर यथा भू-सर्वेक्षण, भू-नक्शा, भू-मानचित्र, एमआईएस, आरटूआर, जीसीएन इत्यादि के माध्यम से आंकड़ों का संग्रह एवं विश्लेषण भी उल्लेखित है. इस सम्बन्ध में जन जागरूकता के लिए रेडियो, समाचार पत्र, होर्डिंग बैनर, माइकिंग इत्यादि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है.

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