लंबे समय से एक के बाद एक चुनावी हार का सामना कर रही कांग्रेस अब एक नया प्रयोग करने जा रही है. कांग्रेस अपने इस नए प्रयोग से चुनावों में जीत हासिल करने का सपना संजोने के साथ ही देश के युवाओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रही है.जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और गुजरात से विधायक व दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा हैं. कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar Joining Congress) और गुजरात से विधायक व दलित नेता जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani Joining Congress) ये दोनों युवा नेता मंगलवार यानी कि आज कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.

गुजरात के निर्दलीय विधायक एवं प्रभावशाली दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) के साथ 28 सितंबर को कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कन्‍हैया कुमार को बिहार और जिग्‍नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) को गुजरात में पार्टी की बड़ी जिम्‍मेदारी दे सकती है. बिहार, गुजरात में कांग्रेस कमजोर है और अब इस प्रयोग से वह पार्टी में नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है, जब कांग्रेस ने सियासत में नए प्रयोग करने की कोशिश की है. इससे पहले भी पार्टी कई प्रयोग कर चुकी है. हालांकि, इन सभी प्रयोगों के परिणाम बहुत उत्साहजनक नहीं रहे हैं.

असफल होते गए कांग्रेस के राजनीतिक एक्सपेरिमेंट

कांग्रेस भले ही लंबे समय से सत्‍ता से दूर है, लेकिन पार्टी ने साल 2007 से ही परंपरागत राजनीतिक टूल को छोड़ कई राजनीतिक प्रयोग किए भले ही उन प्रयोग का कोई खास बदलाव पार्टी में नहीं देखा गया. और न ही कोई बड़ी सफलता मिल पाई.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्ष 2007 में पार्टी महासचिव के तौर पर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई में आंतरिक चुनाव की शुरुआत की थी. इसका लक्ष्य संगठन में जमीनी युवा कार्यकर्ताओं को आगे बढने का मौका देना था. यह एक अच्छा प्रयास था, पर प्रदेशों में वरिष्ठ नेताओं के परिवारों से ताल्लुक रखने वाले युवा धनबल के जरिए खुद चुनाव जीतकर पदाधिकारी बन गए.

उम्‍मीदवार तय करने के लिए अमेरिका की तर्ज पर आंतरिक लोकतंत्र की प्रक्रिया अपनाई

इसके बाद पार्टी ने 2014 के चुनाव में एक और प्रयोग किया. अमेरिका की तर्ज पर 16 लोकसभा सीट पर उम्मीदवार तय करने के लिए अंदरुनी लोकतंत्र की प्रक्रिया अपनाई गई. इसमें उम्मीदवार के चयन के लिए उस क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारी और नेताओं की राय ली जानी थी. पर कई सीट पर टिकट के दावेदारों के विरोध के बाद इस प्रयोग को बंद कर दिया गया.

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2019 लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार तय करने के लिए किया डेटा का इस्तेमाल

इसके बाद कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार तय करने के लिए डेटा का इस्तेमाल किया था. इसमें पार्टी के शक्ति ऐप ने भी अहम भूमिका निभाई थी. पार्टी ने 300 सीट पर डेटा के विश्लेषण के आधार पर उम्मीदवार तय करने का प्रयास किया, पर यह कोशिश भी सफल नहीं हो पाई थी. ऐसे में यह वक्त तय करेगा कि कन्हैया और मेवाणी के जरिए पार्टी युवाओं को जोड़ने में कितनी सफल रहती है.

राहुल गांधी की युवा नेताओं की नई टीम हो रही तैयार

सीपीआई नेता कन्हैया कुमार और गुजरात से आरडीएएम विधायक जिग्नेश मेवानी 28 सितंबर को कांग्रेस में शामिल होंगे. कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी ने बिहार के विधानसभा चुनाव के दौरान कन्हैया कुमार को साथ आने का ऑफर दिया था, लेकिन तब ये संभव नहीं हो सका था. हाल ही में कन्हैया कुमार ने इस बारे में राहुल गांधी से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के पास कन्हैया कुमार के लिए प्लान है, जिसपर अमल किया जाएगा. बिहार में कांग्रेस जल्द ही अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान भी कर सकती है.

बिहार में कांग्रेस को उभार पाएंगे कन्हैया

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कन्हैया कुमार बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाना चाहते है. कांग्रेस ने बिहर में अपने सहयोगी दल राजद और सीपीआई की तुलना में भी खराब प्रदर्शन किया था. कांग्रेस के पास 70 में से केवल 19 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि राजद ने 144 में से आदे से ज्यादा सीटों पर औऱ सीपीआई ने 19 में से 12 सीटों पर जीत हासिल की थी.

कन्हैया और जिग्नेश के आने से कांग्रेस को मिलेगी मजबूती

पिछले दो सालों में कई युवा नेताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है. इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुष्मिता देव, जितिन प्रसाद और प्रियंका चतुर्वेदी का नाम शामिल है. कन्हैया और जिग्नेश अगर अगर कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में प्रचार के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है. क्योंकि सपा-बसपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे, पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी.

Source: tv9

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