झारखंड के नक्सल प्रभावित लातेहार जिले में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में मुंगेर के लाल और झारखंड जगुआर दस्ते के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार शौर्य और वीरता का परिचय देते हुए शहीद हो गए. उनका शव बुधवार को उनके पैतृक आवास मुंगेर के लालदरवाजा पहुंचेगा. अपने लाल के शहीद होने की सूचना मिलते ही जहां लोगों की आंखों से आंसू निकल गए वहीं अपने जिले के लाल की वीरता और शौर्य का जानकार लोग गर्व महसूस कर रहे हैं. शहीद के घर पहुंचे भाजपा विधायक ने भी परिवार को हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया है.

लातेहार में शौर्य और वीरता का परिचय देते हुए देश के लिए शहीद होने वाले झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार मूल रूप से मुंगेर जिले के सोना सिंह रोड़ लेन निवासी लाल बहादुर राय के पुत्र हैं. उनका जन्म 1 जनवरी 1980 को मुंगेर में ही हुआ था. उनके पिता एजी ऑफिस रांची में सिनियर ऑडीटर थे. शहीद राजेश कुमार पांच भाई और बहन हैं. वर्ष 2006 में राजेश ने बीएसएफ में योगदान दिया था वहीं 2018 को उन्होंने एसटीएफ में योगदान दिया जहां वो जगुआर के डिप्टी कमांडेंट बने.

शहीद डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार पांच भाईयों में तीसरे नंबर पर थे. शहीद राजेश कुमार अपनी पत्नी रूबी कुमारी और दो पुत्रों 9 वर्षीय आयुष कुमार और 3 वर्षीय गोलू कुमार के साथ अपने पोस्टिंग के बाद से रांची में ही रहते थे.


