जमुई. इस बार बिहार पंचायत चुनाव में ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है. पहले चरण के नतीजों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत पुराने चेहरों को जनता ने इस बार बदल दिया है. वहीं अब दूसरे चरण में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. अब लोग जात-पात से ऊपर उठकर विकास के नाम पर वोट करने लगे हैं. दूसरे चरण में इसकी मिसाल जमुई जिले में देखने को मिली, जहां लोकतंत्र के महापर्व में जनता ने ऐसे प्रत्याशी को मौका दिया जो अंतिम पायदान पर रहने वाले होते हैं.

दरअसल, जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड के सहोड़ा पंचायत में जनता ने ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाली एक मनरेगा महिला मजदूर को वहां का मुखिया बनाया है. जी हां, दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने वाली रेखा देवी अब मुखिया बन गई हैं. मजदूर से मुखिया बनीं रेखा देवी का कहना है कि वह गांव और पंचायत के विकास के लिए काम करेंगी.

5 प्रत्याशियों को पछाड़ा
चुनाव में रेखा देवी को 1612 वोट मिले हैं और उन्होंने 5 प्रत्याशियों को हराकर मुखिया पद पर कब्जा जमाया है. रेखा देवी 437 वोट से चुनाव जीती हैं. बताया जाता है कि रेखा देवी ईंट भट्ठा या फिर मनरेगा मजदूर के रूप में काम करती हैं. पंचायत के लोगों ने उन्हें अपना समर्थन देकर आर्थिक रूप से मदद कर चुनाव मैदान में उतारा था. जिसके बाद बदलते बिहार में एक मजदूर को भी मुखिया बनने का अवसर मिला है.
Source : News18

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