भारतीय क्षेत्र से जोगबनी बॉर्डर होकर नेपाल प्रवेश कर रही एक गाड़ी से 28 पीस मानव कंकाल की खोपड़ी बरामद की गयी है। नेपाल सशस्त्र पुलिस ने यह कार्रवाई की है। नेपाल सशस्त्र पुलिस द्वारा सोमवार की देर शाम को इस गाड़ी को पकड़ा गया। इस घटना से सीमा की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा होने लगा है क्योंकि जोगबनी बॉर्डर पर 24 घंटे एसएसबी 56 वीं बटालियन की पहरेदारी होती है।

जांच के दौरान ड्राइवर फरार
सोमवार की देर शाम नेपाल नंबर की एक वैन भारतीय सीमा से बॉर्डर होकर नेपाल प्रवेश कर रही थी। विराट नगर स्थित भंसार कार्यालय के बैरियर संख्या दो पर जांच के दौरान उसे रोका गया। नेपाल सशस्त्र पुलिस के एसपी तीर्थ पोडेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बॉर्डर से नेपाल में प्रवेश के बाद वैन संख्या-1 च 9648 की जांच के क्रम में चालक फरार हो गया। जांच में मगर वैन से 28 कंकाल बरामद हुआ। पहले जानवर के कंकाल होने की बात सामने आई। मगर जब वन्य जंतु विज्ञान कार्यालय कू जांच में मानवीय अंग खोपड़ी होने की बात सामने आई। डिविजनल वन कार्यालय मौरंग के सहायक वन अधिकारी परमेश्वर पासवान ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानव अंग लग रहा है लेकिन जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है।

सीमा सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जोगबनी बॉर्डर विगत डेढ़ वर्षों के बाद खुला है तथा चार पहिया वाहनों का आवागमन शुरू हुआ है।एसएसबी द्वारा पूरे जांच पड़ताल के बाद ही वाहन नेपाल में प्रवेश करती है। लेकिन ताजा मामले में एसएसबी से हुई चूक ने सीमा की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है।

भारतीय क्षेत्र में पंचायत चुनाव
बता दें कि भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों पंचायत चुनाव का माहौल है। इसे लेकर पुलिस एवं एसएसबी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए हर स्तर पर जांच की जाती है। मगर सोमवार की देर शाम नेपाल नंबर की गाड़ी की बॉर्डर पार करते समय किस परिस्थिति में जांच नहीं की गई या फिर इसके पीछे क्या सच्चाई है, इसका खुलासा होना आवश्यक है।

मानव अंग का ही है कंकाल है
नेपाल एपीएफ के डीआईजी कमल गिरी के अनुसार बरामद मानव अंग कंकाल ही है। इसमें 28 पीस खोपड़ी का उपरी भाग है। जब्त गाड़ी नेपाल का नही है और उसका नंबर भी फर्जी है। वाहन का चेचिस नम्बर और इंजन नंबर नेपाल में रजिस्टर्ड नहीं है। ड्राइवर भागकर बॉर्डर के रास्ते इंडिया में प्रवेश कर गया।

बोले एसएसबी के अधिकारी
एसएसबी 56वीं बटालियन के सेनानायक एमकेएस मुंडा ने बताया कि जोगबनी बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एसएसबी की 24 घंटे ड्यूटी है। ऐसे में किसी भी वाहन का बिना जांच बॉर्डर पार करना संभव नहीं लगता है। मामला संगीन है। मैं खुद इसकी जांच करवाता हूं कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।
Source : Hindustan
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