पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच भारतीय वायु सेना की ताकत में और इजाफा होने वाला है. भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए तीन और राफेल विमान बुधवार को भारत की धरती पर आने वाले हैं. यह राफेल विमानों की नौवीं खेप है. तीनों राफेल फ्रांस से उड़कर बिना रुके लगभग आठ हजार किलोमीटर की दूरी तय कर अहमदाबाद के जामनगर एयरबेस पर पहुंचेंगे.

राफेल विमानो की ये खेप आने के बाद भारत के 29 राफेल विमान हो जाएंगे. बता दें कि भारत ने 2016 में फ्रांस से 60,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों की खरीद का समझौता किया था. ये विमान उसी समझौते के तहत भारत आ रहे हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तीनों राफेल विमान जामनगर एयरबेस पर उतरेंगे. एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के वायु सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के बाद फ्रांस से आने वाला राफेल विमानों का यह पहला बैच है.

राफेल विमानों की पहली स्क्वाड्रन हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर तैनात है. भारत द्वारा लगभग 60,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग चार साल बाद, अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंची थी.
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