आस्ट्रेलियन तकनीक से बन रही जमालपुर रेलवे की दूसरी सुरंग में मंगलवार को पहली बार डीजल इंजन ने प्रवेश किया। इंजन सुरंग में एक एक छोर से दूसरी छोर बड़ी ही आसानी से गुजर गया। रेल प्रशासन ने रेलवे ट्रैक बिछाने और इसे फिट करने को लेकर पहली बार डीजल इंजन को सुरंग के अंदर भेजा था।

पटरी दुरुस्त करने और इंजन के ट्रायल को लेकर रेल प्रशासन तैयारी कर रहा है। नवंबर माह के दूसरे सप्ताह तक नई सुरंग बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगी और नंवबर माह के अंतिम सप्ताह या फिर दिसंबर के प्रथम सप्ताह में रेलवे का सीआरएस निरीक्षण होने की संभावना है। ऐसा हुआ तो दिसंबर माह में ही नई सुरंग से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। बता दें कि किऊल से मालदा रेलखंड के बीच जमालपुर रतनपुर तक मात्र दो किमी तक की ही सिंगल लाइन है।

यहां एक ट्रेन के गुजरने के बाद ही दूसरी ट्रेन का प्रवेश होता है। करीब एक दशक पूर्व रेल प्रशासन ने इस सिंगल लाइन को डबल लाइन करने के लिए जमालपुर रतनपुर के बीच दूसरी सुरंग का निर्माण कार्य शुरू किया था। इस सुरंग की लंबाई 903 फीट तथा ऊंचाई लगभग 20 फीट है। नई सुरंग चालू होते ही किऊल से मालदा तक 276 किमी का रेलवे ट्रैक पूरी तरह डबल हो जाएगा।
Source : Hindustan

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