बिहार में छठ पूरे उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वैसे तो त्योहार पर मूर्ति पूजन की जगह सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है लेकिन कुछ लोगों ने पटना के एक पूजा पंडाल में भगवान भास्कर की मूर्ति को स्थापित किया है। इतना ही नहीं इसके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अर्घ्य देने वाली मुद्रा में मूर्ति स्थापित की गई है।

इससे राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। राजद समर्थकों ने जहां भगवान सूर्य के साथ प्रतिमा स्थापित करने को सही ठहराया है वहीं कुछ लोगों ने इसे भगवान का अपमान बताया है। इसपर महुआ से राजद विधायक मुकेश रौशन ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी की मूर्ति लगने से विपक्ष के पेट में दर्द नहीं होना चाहिए।

राजद नेता की प्रतिमा पटना के एक पंडाल में लगाई गई है। नवयुवक सूर्या क्लब बंडोह के अध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष अंधकार में प्रकाश लाएंगे। जिस दिन प्रतिमा स्थापित की गई उसी दिन तेजस्वी यादव अपना 32वां जन्मदिन मना रहे थे। राजद समर्थकों ने इसे यादगार बनाने के लिए भगवान भास्कर की प्रतिमा के साथ उनकी प्रतिमा की स्थापित कर दी।

राजद नेताओं का कहना है कि जिस तरह भगवान सूर्य ने सारे संसार को रौशन करते हैं उसी तरह तेजस्वी हमारे बिहार को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाएंगे। युवाओं को रोजगार से वंचितों को उनके अधिकार दिलाने का काम करेंगे। पार्टी नेता अनिल कुमार ने कहा कि सूर्य भगवान की प्रतिमा का विसर्जन होगा लेकिन तेजस्वी की प्रतिमा का नहीं।
Source : Hindustan
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