अब सिर्फ महिला थानों में ही नहीं बल्कि राज्य के सभी थानों में पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत और समस्याओं को लेकर जा सकेंगी। उनकी समस्या के समाधान के लिए हर थाना में अलग से एक डेस्क होगा। डेस्क पर महिला पुलिस अफसर और कांस्टेबल तैनात की जाएंगी। इसके लिए राज्य के 500 थानों को चिह्नित किया गया है जहां डेस्क बनाने के लिए प्रति थाना 1 लाख रुपए के हिसाब से 5 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। निर्भया फंड के तहत थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है।

अब महिलाएं सहजता से समस्याएं बता सकेंगी, 500 थानों में सुविधा
प्रति थाना 1 लाख रुपए के हिसाब से 5 करोड़ रुपए की दी गई प्रशासनिक स्वीकृति

दाे चरण में हाेगा काम
राज्य में 1196 थाने हैं। पहले चरण में 500 उन थानों को हेल्प डेस्क के लिए चिह्नित किया गया है जिनके अपने भवन हैं। दूसरे चरण में अन्य थानों को भी शामिल किया जाएगा। सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था जिसपर सहमति बन गई है।
महिला हेल्प डेस्क की अफसरों काे अलग वाहन व मोबाइल
सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क पर महिला सब इंस्पेक्टर और ग्रेजुएट कांस्टेबल की तैनाती होगी। पीड़ित महिलाएं सहजता से डेस्क पर तैनात अफसरों के सामने अपनी समस्याएं बता सकें, इसको ध्यान में रखकर यह विचार किया गया है। महिला हेल्प डेस्क पर तैनात अफसरों को अलग वाहन, मोबाइल फोन व दूसरे साधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर कहीं भी मूव कर सकें।

प्रताड़ना मामलों में डेस्क की अफसर करेंगी जांच
थानों में बनाए जा रहे महिला हेल्प डेस्क के पास अगर कोई पीड़िता प्रताड़ना जैसे मामलों को लेकर आती है तो डेस्क पर तैनात महिला अधिकारी तत्काल उसकी जांच शुरू करेंगी और उनके पास कार्रवाई का भी अधिकार होगा।
हर थाने में एक अलग से दिया जाएगा कमरा
महिला हेल्प डेस्क के लिए हर थाने में एक अलग कमरे की व्यवस्था की जाएगी। जिन थानों में पहले चरण में महिला हेल्प डेस्क बनाई जानी है सरकार ने उसकी सूची संबंधित जिलों को भेज दी गई है।
Source : Dainik Bhaskar
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