बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे पूरे पांच साल बाद महाराष्ट्र से बिहार लौट रहे हैं. ऐसे में इस बार शिवदीप लांडे को बिहार में काफी कुछ बदला-बदला नजर आएगा. उनके सामने इस बार कई नई चुनौतियां भी होंगी. सबसे बड़ी चुनौती शराबबंदी का सख्ती से पालन कराना है. दरसअल उन्हें इस बार शराब माफियाओं से भी उलझना होगा, जहां भी उनकी पोस्टिंग होगी है उस क्षेत्र में उन्हें शराब माफियाओं के सिंडिकेट को ध्वस्त करना होगा क्योंकि बिहार में सीएम नीतीश कुमार इन दिनों शराबबंदी कानून को लेकर काफी सख्त नजर आ रहे हैं.

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बता दें कि बिहार सीएम ने बीते 16 नवंबर को लगातार 7 घंटे की समीक्षा बैठक कर तमाम अधिकारियों को साफ-साफ निर्देश दिया था कि किसी भी कीमत पर बिहार में शराब की बिक्री और सेवन न हो. सीएम ने शुक्रवार को नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर अपने साथ-साथ मंत्रियों और अधिकारियों को भी शराब नहीं पीने की शपथ दिलवाई है. अब ऐसे में चर्चा तेज हो गई है कि सीएम नीतीश शिवदीप लांडे को बिहार में शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार, शिवदीप लांडे को मुंगेर या भागलपुर का डीआईजी बनाया जा सकता है. अगर उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है तो इस क्षेत्र में पिछले पांच साल में तेजी से अपनी पैठ बना चुके शराब माफियाओं के खिलाफ लांडे को खास रणनीति के तहत काम करना होगा. बता दें, कहा यह भी जा रहा है कि शिवदीप लांडे को मद्य निषेद विभाग में भी कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. अगर उन्हें बिहार आने पर प्रोमोशन मिलता है तो वह आईजी भी बना जा सकते हैं.

शिवदीप लांडे फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच में बतौर डीआईजी कार्यरत थे. उन्हें डेपुटेशन पूरा होने पर शुक्रवार को ही महाराष्ट्र सरकार ने बिहार के लिए रिलीव कर दिया है. ऐसे में बिहार में शिवदीप लांडे को अगर प्रोमोशन मिलता है उन्हें आईजी बनने का भी अवसर मिल सकता है.

महाराष्ट्र में ड्र्ग्स सिंडिकेट के खिलाफ चलाया था अभियान

शिवदीप लांडे ने महाराष्ट में अपने कार्यकाल के दौरान ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था. शिवदीप लांडे ने अपने फेसबुक पेज पर जानकारी देते हुए लिखा था कि अपने एंटी-नारकोटिक्स सेल पर गर्व महसूस हुआ क्योंकि हमारी यूनिट ने ही विश्व के सबसे बड़े में से एक फेंटानील ऑपेरशन जिसकी रिकवरी रकम 1000 करोड़ से भी अधिक थी को अंजाम दिया था और ये ऑपेरशन पूरी विश्व में चर्चा की विषय बन गयी थी.

साथ ही शिवदीप लांडे ने जानकारी देते हुए एक पोस्ट में यह भी लिखा था कि मुंबई क्राइम ब्रांच के ऐंटी नारकोटिक्स सेल ने 23 सालों बाद दो बड़े ड्रग्स फैक्ट्री को ध्वस्त किया. मेरे सेल के पुलिस इंस्पेक्टर संतोष भालेकर के इस जोख़िम भरे ऑपरेशन को आज रिवॉर्ड देकर सराहा गया. मुझे अपने समर्पित टीम पर गर्व है. शिवदीप लांडे के बेहतर काम की वजह से उनका प्रोमोशन कर मुंबई क्राइम ब्रांच में उन्हें डीआईजी बनाया गया था.

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बिहार में पहले कई सिंडिकेट को कर चुके हैं ध्वस्त

बता दें, बिहार में अपनी पोस्टिंग के दौरान शिवदीप लांडे कई बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर चुके हैं. उन्होंने बिहार के अलग-अलग जिलों सिटी एसपी रहते हुए बालू माफियाओं, अपहरण माफियाओं, खनन माफियाओं के साथ-साथ कई सिंडिकेट के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था. रोहतास में तैनाती के दौरान बालू और पत्थर माफियाओं के खिलाफ शिवदीप लांडे ने विशेष मुहिम चलाकर सरकार के राजस्व की क्षति होने से बचाया था. यही नहीं, उन्होंने कई पत्थर माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया था.

वहीं अररिया में पोस्टिंग के दौरान एसपी शिवदीप लांडे के कई कामों को जिले के लोग याद करते हैं. वो यहां चर्चा में तब आये थे जब मुंगेर में ट्रेनी आईपीएस होने के दौरान पत्थर माफियाओं ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद वो इन माफियाओं पर भारी पड़े थे.

पटना में सिटी एसपी रहने के दौरान शिवदीप लांडे ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बनाने वालों के खिलाफ, जाली नोट छापने वालों के खिलाफ, नकली दवा बेचने वालों के खिलाफ मुहिम चलाकर हड़कंप मचा दिया था. पीएमसीएच के पास अशोक राजपथ पर स्थित एक कपड़ा शोरूम के मालिक की हत्या के बाद जब अपराधियों के भय से दुकानें बंद थी तब उन्होंने उसे दबोच कर पीएमसीएच गेट पर जमकर धुनाई की थी. इसके बाद इलाके की सारी दुकानें खुल गई थी.

Source : News18

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