पटना. बिहार में शराबबंदी कानून  को लेकर बीते 16 नवंबर को बुलाई गयी सीएम नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के बाद राज्य में शराब माफियाओं और शराब का सेवन करने वालों पर बड़ी कार्रवाई हुई है. समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश के निर्देश के बाद महज 10 दिनों में बिहार में 19175 छापेमारी हुई है, वहीं 4670 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. सीएम नीतीश की मैराथन समीक्षा बैठक का ही असर है बिहार में शराब बेचने और शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी तरह से एक्शन में है. पटना समेत बिहार के अलग-अलग होटलों पर अन्य ठिकानों पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. यही नहीं, बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर अब बिहार पुलिस कई और नए इंतजाम करने जा रही है. जी हां, अब प्रदेश ड्रोन कमरे  से शराब की तस्करी पर विशेष निगरानी की जाएगी. साथ ही नदी थाना में विशेष रूप से सघन गश्ती होगी ताकि नदी के रास्ते शराब की तस्करी करने वालों पर लगाम लग सके.

बता दें, शराबबंदी कानून को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पिछले 16 नवंबर को हुई मैराथन समीक्षा बैठक के बाद मधनिषेध विभाग और पुलिस विभाग लगातार एक्शन मोड में है. इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिए गए निर्देश का गहरा असर भी देखने को मिलने लगा है. इन दोनों विभागों की संयुक्त कार्रवाई में 17 नवंबर से अब तक 19175 छापेमारी की गई है, जबकि 4000 अभियोग दर्ज किया गया है. साथ ही 4670 अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया गया है. इसके अलावा 1 लाख 70 हजार लीटर शराब और चार सौ वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है.

उत्पाद आयुक्त ने की अतिरिक्त पुलिस बल की मांग

उत्पाद आयुक्त कार्तिकेय धन जी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि शराबबंदी कानून का पालन कराने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधिकारियों की मांग की गई है. उत्पाद आयुक्त ने बताया कि पुलिस विभाग में प्रतिनियुक्त गृह रक्षक और सैप जवानों को आवश्यकतानुसार मद्य निषेध विभाग में वापस प्रतिनियुक्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

Haldiram Bhujiawala, Muzaffarpur - Restaurant

होम डिलिवरी के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान

कार्तिकेय धनजी ने यह भी बताया कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं आईटी से जुड़े लोगों की प्रतिनियुक्ति की गई है. उन्होंने बताया कि जिलों में पर्याप्त मात्रा में ब्रेथ एनालाइजर की आपूर्ति के लिए निविदा निकाली जा रही है और कॉल सेंटर को मद्य निषेध विभाग में शिफ्ट किया जा रहा है. उत्पाद आयुक्त ने बताया कि आसूचना संग्रहण के लिए सूचकों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के लिए जिलों को पर्याप्त मात्रा में राग राशि आवंटित की जा रही है. उत्पाद आयुक्त की माने तो होम डिलीवरी को रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में मोटरसाइकिल और स्कूटी जिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है.

hondwing in Muzaffarpur

नदियों में होगी विशेष निगरानी

उत्पाद आयुक्त ने कहा कि सड़क पर आ रही शराब को देखते हुए अब बड़े पैमाने पर नदियों में भी पेट्रोलिंग कराई जाएगी. इसके अलावा जिले के चेक पोस्ट को भी दुरुस्त किया जा रहा है. पटना में होम डिलीवरी को देखते हुए उत्पाद आयुक्त ने एक्शन प्लान बनाए जाने की भी जानकारी दी. उत्पाद आयुक्त की माने तो एक अप्रैल 2016 से अभी तक 55000 वाहन जब्त किए गए हैं जबकि 2000 भूखंड और भवन को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है.

Source : News18

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