बिहार सरकार राज्य के रैयतों को तोहफा देने जा रही है। अब जमीन की बिक्री होने पर न सिर्फ रैयत के नाम में परिवर्तन होगा, बल्कि बिक्री के मुताबिक जमीन का नक्शा भी बदल जाएगा। इस तरह दस्तावेज के साथ ही नक्शे का भी दाखिल खारिज होगा। इस काम के लिए अब दाखिल खारिज के पूर्व खाका रेखाचित्र, राजस्व मानचित्र अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा। राज्य के सभी अंचल कार्यालय में सॉफ्टवेयर द्वारा सर्वे राजस्व नक्शा को डिजिटल रूप में रखा जाएगा। इससे बिक्री की गयी भूखंड का नक्शा कोई भी व्यक्ति डिजिटल रूप से देख सकेगा।

बुधवार को विस ने ‘बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक, 2021 को स्वीकृति प्रदान कर दी।

फर्जी विक्रेताओं पर नकेल कसेगी: मंत्री
भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल खारिज) का प्रावधान भी एक दिसंबर, 2017 को लागू हुआ था, आज भी एक दिसंबर है, यह महत्वपूर्ण है। दाखिल खारिज में पहले नक्शे का म्यूटेशन नहीं होता था, अब नक्शा का भी म्यूटेशन होगा। किसी जमीन की बिक्री की जाएगी तो उसे डिजिटल मैप पर देखा जा सकेगा कि कौन किसी जमीन का कौन सा भूखंड बिक चुका है। पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा कर जब जमाबंदी कायम करेंगे तो उसका नक्शा भी बन जाएगा।
Source : Hindustan
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