बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात की कसक है कि बिहार के विकास की चर्चा दिल्ली के अंग्रेजी अखबारों में नहीं होती है लेकिन विधानसभा के कैंपस में शराब की बोतल मिलने जैसी ख़बर आती है तो इसकी चर्चा दिल्ली के अखबारों में खूब छपती है. दरअसल नीतीश कुमार पत्रकारों से बात कर रहे थे और उनसे जब बिहार विधानसभा कैंपस में शराब की बोतल मिलने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देते हुए सरकार की छवि ख़राब करने का इशारों में साजिश का आरोप लगाया. नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है, जांच की रिपोर्ट आने के बाद सभी बातों का पता चल जाएगा.

नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशासन इस पर अलर्ट है और इस बात को देखना पड़ेगा कि क्या सही मायने में वहां पर किसी ने शराब का सेवन किया था या फिर कहीं से बोतल ला कर रख दिया है. इस मामले की पूरी गहराई से जांच चल रही है. सीएम ने कहा कि इस मामले पर अभी मेरा कुछ भी बोलना उचित नहीं है इसको लेकर हमने सभी को अलर्ट कर दिया है. नीतीश कुमार ने कहा कि कई बार शराब की खाली बोतलें फेंक दी जाती है ताकि वह चर्चा में आ जाए. दोनों दृष्टिकोण से इस पर काम करना है और एक बार फिर से पूरी कड़ाई के साथ शराबबंदी पर काम किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से दुहराया कि जब तक पटना में शराबबंदी नियंत्रित नहीं होगा तो बिहार में नियंत्रण कैसे होगा. उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर पटना के लोगों में कितनी जागरूकता है, इस बात से पता चलता है कि वर्ष 2016 में शराबबंदी लागू करते समय शुरू में जब हमलोगों ने तय किया था कि बड़े शहरों में विदेशी शराब अभी बंद नहीं करेंगे तो पटना में लोगों ने शराब की बिक्री का विरोध करना शुरू कर दिया. इसे देखते हुए पांच दिनों के अंदर ही सभी जगह पर पूर्ण शराबबंदी को लागू करना पड़ा था, इससे साबित होता है कि सभी लोग यही चाहते हैं कि पूरी तौर पर शराबबंदी लागू हों लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो अवैध धंधा करने वाले होते हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी होती रहेगी.

पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दर्द उभर आया, जब मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अच्छे कामों के चर्चा दिल्ली के अंग्रेजी अखबारों में नहीं रहती है लेकिन इन सब घटनाओं की खबरें दिल्ली के अखबारों में छपी है. यह सब देखकर हम कुछ बोलते नहीं है लेकिन समझ जाते हैं कि कोई न कोई मामला जरूर होगा. सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है. सीएम ने कहा कि हम इन सब पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन इस बात को देखना है कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं कर रहा है. जांच के बाद कार्रवाई करने वाले और शराब की खाली बोतल को फेंकने वालों की पहचान हो जाएगी. ऐसे लोग पकड़े जाएंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले पर कड़ाई की शुरुआत हो चुकी है और उसमें और तेजी लाई जाएगी. जो लोग भी गड़बड़ी करेंगे उनकी पहचान की जाएगी और उनकी तस्वीर भी आएगी, ऐसी व्यवस्था की जा रही है.
Source : News18
(मुजफ्फरपुर नाउ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)




