संसद के शीतकालीन सत्र के 17वें दिन, लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह अपनी ही पार्टी के सांसद के सवालों में घिरते नजर आए. असल में गिरिराज सिंह संसद को जानकारी दे रहे थे कि सरकार ने बिहार में कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया और कितनों को रोज़गार. इसी बात पर उनसे बीजेपी के ही सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सवाल कर लिया कि अगर बिहार में इतना रोज़गार है तो करोड़ों लोग बाहरी राज्यों में काम क्यों कर रहे हैं?

लोकसभा में, बिहार के औरंगाबाद से बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह ने सवाल किया कि ग्रामीण क्षेत्र में कितने लोगों को प्रशिक्षण और रोजगार दिया गया है. साथ ही नक्सली क्षेत्रों में लोग बंदूकें न उठाएं इसपर सरकार क्या कर रही है. इस प्रश्न का उत्तर देते हुए ग्रामीण और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद में जानकारी दी कि डीडीयूडीकेवाय के तहत ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिया जाता है.

अब तक 7 लाख से ज़्यादा लोगों को दिया गया रोज़गार

गिरिराज सिंह ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश में 11,23,783 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है और 7,13723 लोगों को रोज़गार दिया गया. यह योजना वर्तमान में 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है. यहां 1,851 परियोजनाएं चल रही हैं, 2,369 प्रशिक्षण केंद्र हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में 55,125 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और 29,114 लोगों को रोज़गार दिया गया है.

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नक्सल प्रभावित जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम

नक्सलवादी क्षेत्र के युवा बंदूक छोड़कर कामकाज में लगे हैं, इसके लिए 9 राज्यों के उग्रवादी वामपंथी 27 जिलों में रौशनी नाम से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इन जिलों के प्रशिक्षुओं के लिए सभी प्रशिक्षण आवासीय हैं. इनमें महिलाओं की भागीदारी 40 प्रतिशत है. अब तक 60,013 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और 33,042 को रोजगार दिया जा चुका है.

बिहार में इतना रोज़गार है तो लोग बाहर क्यों जा रहे हैं?

मंत्री के जवाब सुनकर, बिहार से ही बीजेपी के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही सरकार के मंत्री को घेरते हुए सवाल किया. उन्होंने कहा कि बिहार में जब इतनी ही संख्या में रोजगार दिया जा रहा है, तो राज्य के 4 करोड़ लोग बिहार छोड़कर क्यों चले गए और नीति आयोग बिहार को पिछड़ा क्यों कह रहा है? अगर बिहार में रोजगार इतना कामयाब है, बिहार इतना ही प्रगतिशील है तो बिहार के करोड़ों लोग महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में मज़दूरी कर रहे हैं??

इसपर ग्रामीण और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह कोई जवाब नहीं दे सके. उन्होंने इतना ज़रूर कहा, ‘जो चिंता सांसद जी ने व्यक्त की है, वो पूरे बिहार की चिंता है, इसपर हम भी चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार जो योजनाएं चला रही है मैंने बस वही बताने का काम किया है.’

Source : Aaj Tak

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