पटना. यूं तो पूरे देश में बेरोजगारी का आलम है, लेकिन बिहार की स्थिति इसमें सबसे बदतर है. इसका खुलासा नेशनल करियर सर्विस पोर्टल से हुआ है. दरअसल, इस पोर्टल पर रोजगार मांगने वालों में सबसे अधिक अधिक संख्या बिहार के युवाओं की है. यानी कि बिहार के युवा रोजगार मांगने में सबसे आगे हैं. एनसीएस पोर्टल पर पंजीकृत बिहार के बेरोजगारों में सबसे अधिक प्रतिशत 18 साल से कम उम्र वालों की है. संख्या के आधार पर रोजगार मांगने वालों की संख्या सबसे अधिक 25 से 34 साल वाले युवा हैं.

बिहार में 31 दिसंबर तक कुल 13 लाख 60 हजार 952 युवाओं ने एनसीएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है. पटना से प्रकाशित हिंदी अखबार हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक इन रजिस्टर्ड युवाओं में 19 लाख से ज्यादा पुरुष तो लगभग 3 लाख महिलाएं हैं. इसके अलावा रजिस्ट्रेशन कराने वालों में ट्रांसजेंडरों की संख्या 226 है. पोर्टल पर रजिस्टर्ड युवाओं की उम्र पर गौर करें तो 18 साल की उम्र वाले कुल 64 हजार 439 लोगों में भी बिहार के युवाओं की संख्या अच्छी-खासी है. इस वर्ग में 8327 बिहारी युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है.

एनसीएस पोर्टल पर सिर्फ 18 से 24 और उससे ऊपर के आयुवर्ग के ही युवाओं ने ही नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, बल्कि 35 से 44 साल के युवाओं ने भी पंजीकरण कराया है. इस आयुवर्ग में भी लगभग डेढ़ लाख लोगों ने करियर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है. पोर्टल 45 से 54 और इससे ऊपर के आयुवर्ग वाले लोगों ने भी पंजीकरण कराया है.

एनसीएस पोर्टल क्या है
एनसीएस पोर्टल केंद्रीय श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय का पोर्टल है, जिसमें रोजगार से जुड़ी हर जानकारी उपलब्ध है. इसमें सरकारी के साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार की भी जानकारी दी गई है. इसके लिए को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होता , जिसके बाद उन्हें मोबाइल व ई-मेल के जरिये हर जानकारी मुहैया कराई जाती है. यह पोर्टल नियोक्ता (इम्पलॉयर) के लिए भी अहम है. इसमें अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर उन्हें जॉब के अवसर भी प्राप्त होते हैं.
Source : News18





