एयरपोर्ट में एंट्री करते समय यात्री अब से सिर्फ एक ही हैंडबैग अपने साथ ले जा सकेंगे. नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने एक नए सर्कुलर में यह आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि हवाई अड्डों पर ‘वन हैंड बैग नियम’ लागू किया गया है. सर्कुलर के मुताबिक, किसी भी यात्री को अपने साथ एक से ज्यादा बैग ले जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

बीसीएएस (BCAS) ने 19 जनवरी को जारी एक आदेश में कहा, ‘यह देखा गया है कि यात्री औसतन 2-0 हैंड बैग स्क्रीनिंग प्वाइंट तक ले जाते हैं. इससे निकासी समय में काफी वृद्धि हुई है और साथ ही देरी भी. इससे PESC प्वाइंट पर भीड़भाड़ और यात्रियों को असुविधा भी होती है.’ नागरिक उड्डयन निकाय ने एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और अन्य हितधारकों को ‘वन हैंड बैग नियम’ को ठीक तरह से लागू करने और स्पष्टता के लिए इसे होर्डिंग्स के साथ-साथ यात्री टिकट और बोर्डिंग पास पर भी प्रदर्शित करने का निर्देश जारी किया है.
All airlines and airport operators may be instructed to take steps to implement the 'One Hand Bag rule' meticulously on the ground to ease out the congestion and other security concerns: CISF IG (airport sector) Vijay Prakash in a letter to DG, Bureau of Civil Aviation Security pic.twitter.com/bNPujr8itV
— ANI (@ANI) January 21, 2022
एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया हुई आसान
बीसीएएस ने कहा, ‘सभी एयरलाइनों को यात्रियों को सूचित करने और उनके टिकटों/बोर्डिंग पास पर ‘वन हैंड बैग रूल’ प्रदर्शित करने के लिए उपयुक्त रूप से निर्देशित किया जा सकता है. नया आदेश यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त प्रतिबंध के रूप में आया है. एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है.’ केंद्र ने पहले ही चेक-इन बैग के लिए एक बैग की नीति लागू कर दी थी ताकि एयरपोर्ट पर होने वाली भीड़ को कम किया जा सके और कोविड-19 महामारी के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित किया जा सके.

भीड़भाड़ कम करने के लिए उठाया गया कदम
एक हैंड बैग के अलावा, मौजूदा नियम एक यात्री को एक लैपटॉप बैग, महिलाओं का एक हैंड बैग और एक कंबल, ड्यूटी फ्री शॉप से खरीदे गए आइटम, एक छाता और सीमित मात्रा में पढ़ने के लिए सामग्री ले जाने की इजाजत दी गई हैं. एक प्राइवेट एयरलाइन के कार्यकारी ने बताया, ‘इस नियम को लागू करना कैसे संभव है जब सरकार का अपना नियम कई अन्य चीजों की अनुमति देता है? नियामक को अपने निर्देश में स्पष्ट होना चाहिए और एयरलाइंस के फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए. घटनाक्रम से वाकिफ लोगों ने कहा कि कुछ सांसदों ने सुरक्षा जांच में भीड़भाड़ को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिकायत की थी. इसके बाद रेगुलेटर को भीड़भाड़ कम करने के लिए ऐसा कदम उठाने को कहा गया.







