गया. बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भले ही जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) और बीजेपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है. लेकिन बिहार में एनडीए (NDA) के घटक दलों में इसको लेकर असंतोष पनप रहा है. विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए के घटक दलों के बीच बिना चर्चा के सीटों के बंटवारे पर नाराजगी जताया है. सोमवार को उन्होंने कहा कि एनडीए में शामिल सभी दल के नेताओं को इस पर आपस में चर्चा करनी चाहिए थी.

उन्होंने कहा कि बिहार विधान परिषद चुनाव में सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर एनडीए में शामिल सभी नेताओं के बीच चर्चा होनी चाहिए थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. यदि चर्चा होती तो उनकी पार्टी अपने लिए कोई सीट नहीं मांगती. सभी की सहमति पर हम अपनी सहमति दे देते. लेकिन हम लोगों की अनदेखी की गई, जो सही नहीं है. मांझी ने कहा कि हम जब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ महागठबंधन में थे, तो वहां भी हमसे बिना कोई बात किए लोग खुद निर्णय ले लेते थे. यही वजह है कि हम महागठबंधन से अलग हो गए. अभी एनडीए द्वारा विधान परिषद चुनाव को लेकर हमसे कोई राय नहीं ली गई.

हम के अध्यक्ष ने कहा कि यह सुनने में आया है कि इस चुनाव में 40 से 50 हजार रुपये लेकर वोट खरीदा जा रहा है. हमारे पास ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं है, जो इतना रुपया दे सके. विधायक और सांसद के चुनाव में भी हम लोग कोई पैसा खर्च नहीं करते हैं. हम लोग जनता के प्यार से जीतते हैं.

24 सीटों के लिए होना है विधान परिषद चुनाव
बता दें कि जिन 24 सीटों पर चुनाव होना है उसमें 19 विधान पार्षद जुलाई 2021 में रिटायर हुए थे. दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री और बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेन्द्र यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच सीट शेयरिंग को लेकर लंबा विचार-विमर्श हुआ था. इसके बाद यह घोषणा कर दी गई थी कि बीजेपी तेरह सीटों पर जबकि जेडीयू शेष 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
Source : News18






