खगड़िया. जज की सुरक्षा की जवाबदेही पुलिसवालों पर होती है लेकिन अगर कोई पुलिसवाला ही जज पर बंदूक तान दे तो आप क्या कहेंगे. सुरक्षा में तैनात सिपाही द्वारा जज पर बंदूक तान देने का ऐसा ही एक मामला बिहार से आया है. खगड़िया में हुई इस घटना के बाद जज भी सन्न रह गए. इस मामले में अब कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मुफस्सिल थाना प्रभारी जेपी यादव ने बताया कि थाना में फैमली कोर्ट जज ने एक लिखित आवेदन दिया है. इस मामले में सिपाही के उपर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.


क्या है मामला
बताया जा रहा है कि कि खगड़िया सिविल कोर्ट के फैमिली जज अपने आवास पर सुबह टहलने निकले थे. इसी दौरान जब वह वापस आये तो गेट पर तैनात सिपाही वहां मौजूद नहीं था. इसी दौरान जब जज ने सिपाही से पूछताछ की तो एक सिपाही गुस्से में आ गया और उसने जज साहब पर ही रायफल तान दी. इस बात की सूचना जब पुलिस को मिली तब पुलिस भी जज के आवास पर पहुंची जहां सिपाही बेसुध स्थिति में कुर्सी पर बैठा हुआ था. इसके बाद उसे सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेगूसराय एक निजी क्लिनिक में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. सिपाही बीरेन्द्र सिंह महेशखूंट थाना क्षेत्र के पतला गांव के रहने वाला है.

जज ने कहा
पूरे मामले में जब फैमिली कोर्ट के जज राज कुमार से फोन पर बात हुई तो उन्होनें पहले सिपाही की अस्पताल में भर्ती होने के बारे में जानकारी नहीं होना बताया और फिर जब सिपाही के द्वारा बंदूक तानने की बात पूछी गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में मिलेंगे तो बताएंगे.

प्रशासन ने साथ ली थी चुप्पी
खगड़िया में जैसे ही सिपाही को सदर अस्पताल मेें भर्ती कराया गया उसके बाद यह बात सामने आने लगी की जज के आवास पर तैनात सिपाही ने बंदूक तान दी थी. इस बात की जानकारी पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी से लेकर थाना प्रभारी कोई नहीं देना चाहिए रहे थे. मंगलवार को देर शाम मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला सामने आया फिर डीएम ने भी तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने की बात कही. खगड़िया डीएम आलोक रंजन घोष ने भी पूरे मामले को लेकर तीन सदस्यीय टीम को जांच का जिम्मा सौंपा है.
Source : News18






