बिहार विधान परिषद के निकाय कोटे से होने वाले 24 सीटों के चुनाव को लेकर बीजेपी को चुनौती देने वाले और बिहार में एनडीए को खत्म बताने वाले विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री मुकेश सहनी ने अपने दिए बयान से यू-टर्न ले लिया है. एमलएलसी चुनाव को लेकर मुकेश सहनी ने पिछले दिनों बवाल खड़ा किया था. लेकिन अब उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी है. अपने पत्र में मुकेश सहनी ने विधान परिषद चुनाव में अपनी पार्टी के लिए भागीदारी सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है. मुकेश सहनी ने अपने पत्र में समाजवाद का हवाला भी दिया है.
वीआईपी अध्यक्ष की तरफ से लिखे गए पत्र में इस बात की चर्चा है कि पाटलिपुत्र की धरती हमेशा से सामाजिक न्याय समाजवाद और लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित करती रही है. लोकतंत्र में भागीदारी के अनुरूप जन प्रतिनिधि का चुनाव लोकतंत्र की मूल आत्मा बताया गया है. पत्र में कहा गया है कि भागीदारी सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार होना चाहिए. साथ ही कहा गया कि बिहार विधान परिषद के जनप्रतिनिधियों में समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए जो बेहद जरूरी है. मुकेश सहनी ने सीएम नीतीश कुमार से अनुरोध किया है कि समाज के सारे वर्गों को लेकर चलने के साथ ही बिहार विधान परिषद में आरक्षण बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए.

वहीं, वीआईपी के प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि उनकी पार्टी पिछड़ा और अति पिछड़े लोगों के हक में हमेशा लड़ती रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी विधान परिषद चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की चाहत रखती है, इसके लिए मुकेश सहनी लगातार प्रयासरत रहे हैं. यदि भागीदारी नहीं होती है तो वीआईपी बिहार विधान परिषद के चुनाव में सभी 24 सीटों पर अपनी प्रतिनिधि खड़ा करेगी.

24 सीटों के लिए होना है विधान परिषद चुनाव
बता दें कि जिन 24 सीटों पर चुनाव होना है उसमें 19 विधान पार्षद जुलाई 2021 में रिटायर हुए थे. पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री और बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेन्द्र यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच सीट शेयरिंग को लेकर लंबा विचार-विमर्श हुआ था. इसके बाद यह घोषणा कर दी गई थी कि बीजेपी तेरह सीटों पर जबकि जेडीयू शेष 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
Source : News18








