लेजा घाट व पाटलिपुत्र स्टेशन के बीच बने 11.62 किमी लंबे जेपी सेतु रेल पुल की दूसरी लाइन पर ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी मिल गई है। रेलवे के पूर्वी परिमंडल के संरक्षा आयुक्त एएम चौधरी ने दोहरीकरण परियोजना के तहत बनी अतिरिक्त लाइन पर 90 घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है। लगातार दो दिनों तक चले निरीक्षण के बाद नई लाइन पर ट्रेन परिचालन को हरी झंडी दी गई। निरीक्षण के दूसरे दिन शुक्रवार को सीआरएस श्री चौधरी ने मोटर ट्रॉली द्वारा पहलेजाघाट यार्ड से पुल संख्या-7 (जेपी सेतु) तक गहन निरीक्षण किया गया। इसके उपरांत मोटर ट्रॉली से ही निरीक्षण करते हुए वापस पहलेजाघाट पहुंचे। निरीक्षण के अंतिम चरण में संरक्षा आयुक्त द्वारा विशेष ट्रेन से पहलेजाघाट से पाटलिपुत्र तक 110 किमी प्रतिघंटा की गति से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल भी किया गया। निरीक्षण के पश्चात संरक्षा आयुक्त ने रेललाइन पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से रेल परिचालन हेतु अनुमति प्रदान किया। इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पटना के पास गंगा नदी पर पाटलिपुत्र और पहलेजा के बीच बने रेल सह सड़क पुल की दोहरीकरण हो जाने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच ट्रेनों के परिचालन में काफी सुगमता आयेगी।


दोहरीकरण कार्य में 159 करोड़ रुपये खर्च
पहलेजाघाट व पाटलिपुत्र के बीच दोहरीकरण कार्य में159 करोड़ रुपये खर्च किये गये। गंगा पुल होते दोनों स्टेशनों के बीच फरवरी 2016 से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया, लेकिन 11.62 किमी तक सिंगल लाइन होने से मुजफ्फरपुर को गंगा पुल के रास्ते महत्वर्पूण ट्रेनें नहीं मिल सकीं। अधिकांश सवारी व इंटरसिटी ट्रेनें मुजफ्फरपुर व पटना के विभिन्न स्टेशनों के बीच चल रही हैं।
Source : Hindustan










