पटना हाईकोर्ट ने माननीयों से संबंधित मामलों की सुनवाई की समय सीमा तय कर दी है। साथ ही सभी मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने का आदेश राज्य सरकार सहित सभी निचली अदालतों को दिया है। यही नहीं एमपी-एमएलए कोर्ट को भी उनके यहां लंबित मामलों में तेजी लाने और कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस. कुमार की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का अनुसंधान सहित अन्य कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। महानिबंधक को सभी एमपी-एमएलए कोर्ट से उनके यहां लंबित केसों पर की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब कर कोर्ट को देने का आदेश दिया।

अगली सुनवाई में डीजीपी को की गई कार्रवाई के बारे में शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 11 अप्रैल तय की है। न्यायिक जानकारों का मानना है कि गंभीर आरोप वाले केस में जनप्रतिनिधियों पर गाज गिरनी तय है। सजा होने पर राज्य के कई जनप्रतिनिधि अगला चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

clat

268 केस साक्ष्य के लिए लंबित

अभी सूबे के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कुल 598 मुकदमों में से 520 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। 78 केस अनुसंधान के लिए लंबित हैं, जबकि 7 केस संज्ञान के स्तर पर लंबित हैं। 156 केस उपस्थिति के लिए हैं। वहीं, 20 केस में पुलिस पेपर देने तो 16 केसों में आरोप का गठन किया जाना है। 268 केस साक्ष्य के लिए लंबित हैं तो एक केस कमिटमेंट के लिए लंबित है। पांच केस अभियुक्त के बयान के लिए लंबित है तो 4 बचाव पक्ष की गवाही के लिए। सात मामले बहस के स्तर पर लंबित हैं, जबकि 35 अन्य कारणों से निचली अदालतों में लंबित चल रहे हैं।

विजय प्रकाश मामले में फैसला चार सप्ताह में

विजय प्रकाश एवं अन्य का केस फैसला के स्तर पर लंबित है। सबसे पहले कोर्ट ने इसी मामले में चार सप्ताह के भीतर फैसला देने का आदेश एडीजे को दिया है। वहीं, बहस के लिए लंबित सातों केस पर चार सप्ताह के भीतर बहस की प्रक्रिया पूरी कर लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की गवाही प्रक्रिया भी चार सप्ताह के भीतर पूरी कर लेने को कहा है, जबकि अभियुक्त के बयान के लिए लंबित पांच केसों में चार सप्ताह के अंदर अभियुक्तों का बयान कलमबंद कर तीन माह में ट्रायल प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। साक्ष्य के लिए लंबित सभी 268 केसों में प्रत्येक दिन सुनवाई करने को कहा है।

nps-builders

लंबित केसों पर दो सप्ताह के भीतर आरोप गठित

कोर्ट ने आरोप गठन को लेकर लंबित केसों में दो सप्ताह के भीतर आरोप गठित करने का आदेश दिया है, जबकि चार सप्ताह के भीतर पुलिस पेपर देने का काम पूरा कर लेने को कहा है। संज्ञान के लिए लंबित सभी केसों पर चार सप्ताह के भीतर संज्ञान प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उपस्थिति के लिए लंबित 156 केसों पर जल्द से जल्द उपस्थिति की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

कई जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने पर लग जाएगा ग्रहण

राज्य के कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कुल 598 प्राथमिकी दर्ज हैं। इसमें धरना प्रदर्शन में शांति भंग से लेकर गंभीर आरोप तक हैं। न्यायिक सुनवाई में शामिल अधिवक्ताओं का कहना है कि गंभीर आरोप के कई मामलों में सुनवाई तय है। सजा होने पर उन जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।

Source : Hindustan

prashant-honda-muzaffarpur

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *