जबलपुर: साइबर ठगों ने अब लोगों को धोखा देने का नया तरीका अपनाया है। पहले जहां OTP या फिशिंग लिंक से ठगी होती थी, अब स्टेगनोग्राफी (Steganography) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक में किसी सामान्य सी दिखने वाली फोटो में एक छिपी हुई लिंक एम्बेड की जाती है। जैसे ही कोई इसे क्लिक करता है, उसके फोन में एक ऐप अपने आप इंस्टॉल हो जाता है, जिससे ठग मोबाइल का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं।

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पीड़ित के फोन पर बुजुर्ग की यह तस्वीर आई, जिसे क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया।कैसे हुई ठगी?

जबलपुर के कोतवाली क्षेत्र निवासी प्रदीप जैन 28 मार्च की सुबह अपने घर पर थे, जब उनके वॉट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर (9827832213) से कॉल आया। कॉल करने वाले ने एक बुजुर्ग व्यक्ति की फोटो भेजकर पूछा – “क्या आप इस व्यक्ति को जानते हैं?”

प्रदीप ने पहले इस कॉल को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन कुछ देर बाद फिर वही कॉल आया। दोपहर 1:35 बजे तीसरी बार कॉल आने पर उन्होंने गुस्से में जवाब दिया कि वे उस व्यक्ति को नहीं जानते और फोन काट दिया।

इसके तुरंत बाद, उनके फोन में एक “कस्टमर सपोर्ट” नामक ऐप अपने आप डाउनलोड हो गया। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 2 लाख 1 हजार रुपये कट गए। जब बैंक से मैसेज आया, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है।

कैसे निकाले गए पैसे?
1. सबसे पहले ठगों ने प्रदीप के खाते में 1 रुपये ट्रांसफर किया, ताकि यह जांचा जा सके कि खाता सक्रिय है या नहीं।
2. इसके बाद दो अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में 1 लाख और 1.01 लाख रुपये निकाल लिए गए।
3. बैंक स्टेटमेंट में “IB IBF”, “विशाल ऑनलाइन” और “जन्नतुन बीबी ऑनलाइन” जैसे संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दिए।
4. बैंक की जांच में पता चला कि पैसे हैदराबाद के एक एटीएम से निकाले गए।

ठगों ने फिर से पैसे निकालने की कोशिश

ठगी का पता चलते ही प्रदीप ने तुरंत बैंक पहुंचकर अपना खाता सीज करवाया। हालांकि, इसके बावजूद ठगों ने 96 हजार रुपये निकालने की एक और कोशिश की, लेकिन खाता सीज होने की वजह से वे इसमें सफल नहीं हो सके।

बैंक और साइबर सेल की लापरवाही

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक को ठगी की सूचना दी, तो बैंक ने तुरंत कार्रवाई करने से मना कर दिया और पहले साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने को कहा। साइबर हेल्पलाइन ने भी तत्काल रिपोर्ट नहीं ली, जिससे उन्हें अगली सुबह बैंक जाकर लिखित शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

कैसे बचें इस नए साइबर फ्रॉड से?

✅ अंजान नंबर से आए किसी भी फोटो या लिंक पर क्लिक न करें।
✅ WhatsApp पर आए किसी भी संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें और जरूरत पड़ने पर नंबर को ब्लॉक कर दें।
✅ फोन में अनजाने ऐप्स के डाउनलोड होने पर तुरंत उन्हें डिलीट करें और फोन को रीसेट करें।
✅ बैंकिंग से जुड़े मैसेज और ट्रांजैक्शन नोटिफिकेशन को हमेशा चेक करें।
✅ अगर ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर सेल और बैंक से संपर्क करें।

साइबर सेल के अधिकारी नीरज नेगी का कहना है कि अब ठग फोटो के जरिए लिंक छिपाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आपके साथ भी ऐसा कोई मामला हो, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।

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