पटना, 10 फरवरी।बिहार सरकार पशु स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार बजट 2026-27 में राज्य के पशु चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने की घोषणा की गई है। इस पहल से पशुओं के रोगों की सटीक जांच और बेहतर इलाज संभव हो सकेगा, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।

अब तक कई मामलों में पशुओं का इलाज अनुमान के आधार पर किया जाता था, लेकिन आधुनिक जांच मशीनों के आने से गर्भ जांच, हड्डी संबंधी चोटों और आंतरिक रोगों का सही और त्वरित निदान किया जा सकेगा।

अनुमंडल स्तर तक हाईटेक सुविधा

राज्य सरकार की योजना के तहत अनुमंडल स्तरीय पशु चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। वहीं, जहां 24×7 पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध है, उन पशु चिकित्सालयों में अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी। इससे दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचेंगी।

एक कॉल पर पशु चिकित्सक

पशुपालकों की सुविधा के लिए बिहार सरकार पहले ही एम्बुलेटरी वैन और मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट की शुरुआत कर चुकी है। टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर पशुपालक अपने घर पर ही पशु चिकित्सक की सेवा प्राप्त कर सकते हैं। ये यूनिट जीपीएस से लैस हैं और इनमें प्राथमिक इलाज, दवाएं, लघु सर्जरी और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध है।

गांव-गांव तक पहुंचेगी सेवा

राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में स्थित पशु चिकित्सालयों में अब 24×7 चिकित्सा सुविधा शुरू की जा चुकी है। वर्ष 2005 से पहले जहां पशु चिकित्सा सेवाएं सीमित थीं, वहीं अब 58 एम्बुलेटरी वैन और 534 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट के माध्यम से गांव-गांव तक पशु चिकित्सा सुविधा पहुंच रही है।

सरकार की इस पहल से पशु स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार की उम्मीद है और पशुपालकों की आय एवं पशुधन की सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

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