MUZAFFARPUR : रबी फसल वर्ष 2025–26 के दौरान जिले के किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण, बिक्री, अवशेष, निगरानी एवं निरीक्षण प्रणाली, POSH मशीन से सत्यापन, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की स्थिति सहित कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान बैठक में उपस्थित माननीय विधायकों एवं विधान पार्षदों से भी आवश्यक सुझाव प्राप्त किए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जरूरतमंद किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर, समय से और आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
जिले में उर्वरक का पर्याप्त भंडार, कोई कमी नहीं
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि रबी फसल 2025–26 के लिए जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों की मांग के अनुसार किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। विभिन्न उर्वरकों की स्थिति इस प्रकार है—
यूरिया
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कुल उपलब्धता: 25,368.745 मीट्रिक टन
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बिक्री: 14,963.265 मीट्रिक टन
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अवशेष: 10,405.480 मीट्रिक टन
डीएपी (DAP)
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कुल उपलब्धता: 16,074.500 मीट्रिक टन
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बिक्री: 11,505.700 मीट्रिक टन
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शेष: 4,568.800 मीट्रिक टन
एनपीके (NPK)
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कुल उपलब्धता: 17,241.274 मीट्रिक टन
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बिक्री: 7,746.700 मीट्रिक टन
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अवशेष: 9,494.574 मीट्रिक टन
एमओपी (MOP)
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उपलब्धता: 7,111.996 मीट्रिक टन
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बिक्री: 4,917.951 मीट्रिक टन
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शेष: 2,194.045 मीट्रिक टन
एसएसपी (SSP)
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कुल उपलब्धता: 4,475.425 मीट्रिक टन
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बिक्री: 1,262.725 मीट्रिक टन
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अवशेष: 3,212.700 मीट्रिक टन
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल संतुलित, नियंत्रित और पारदर्शी वितरण की है।
थोक–फुटकर विक्रेताओं एवं प्रखंड अधिकारियों के साथ विधायकों की बैठक
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में 35 थोक विक्रेता एवं 1,442 फुटकर विक्रेता कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गायघाट, मीनापुर, कांटी, पारू और औराई विधानसभा क्षेत्रों में माननीय विधायकों के समन्वय से विधानसभावार बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में थोक एवं फुटकर विक्रेता, प्रखंड स्तरीय अधिकारी और कृषि विभाग के पदाधिकारी शामिल होंगे, ताकि किसानों को निर्बाध रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि माननीय सांसद एवं सभी विधायकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें हर सप्ताह उर्वरक की उपलब्धता, बिक्री और अवशेष की अद्यतन जानकारी साझा की जाए।
थोक विक्रेताओं के साथ डीएम की विशेष बैठक
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी सप्ताह में सभी थोक विक्रेताओं के साथ उनकी विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उर्वरक किसानों तक सरलता से, उचित मूल्य पर और पर्याप्त मात्रा में पहुंचे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी या जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खुदरा प्रतिष्ठानों की सघन जांच के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की टीम गठित कर खुदरा उर्वरक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं की अनिवार्य जांच सुनिश्चित की जाएगी—
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उर्वरक प्रतिष्ठान पर स्पष्ट डिस्प्ले बोर्ड
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डिस्प्ले के अनुसार वास्तविक भंडार का मिलान
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POSH मशीन से भंडार का सत्यापन
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फ्लेक्स के माध्यम से दर सूची एवं शिकायत नंबर का प्रदर्शन
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किसानों को पक्का रसीद उपलब्ध कराना
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सरकारी निर्धारित मूल्य पर ही बिक्री सुनिश्चित करना
छापेमारी अभियान तेज, सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में बताया गया कि रबी फसल 2025 के दौरान अब तक 286 छापेमारी की गई, जिसमें 33 प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई। इसके तहत—
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19 प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित
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11 प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द
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3 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि किसानों के शोषण, कालाबाजारी और जमाखोरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
पंचायत स्तर पर किसानों को जागरूक करने के निर्देश
जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार पंचायत स्तर पर किसानों को उर्वरक की उपलब्धता, सरकारी दर और नजदीकी विक्रेताओं की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि किसानों में कोई भ्रम न रहे और उन्हें अधिक कीमत चुकाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
शिकायत नियंत्रण कक्ष सक्रिय
उर्वरक से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय में शिकायत नियंत्रण कक्ष सक्रिय है।
किसान इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं—
📞 9661697355
इसके अतिरिक्त किसान अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
POSH मशीन से सत्यापन: पारदर्शिता की नई पहल
जिलाधिकारी ने POSH मशीन के माध्यम से गोदामों में उपलब्ध उर्वरक का डिजिटल सत्यापन कर प्रखंडवार रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि POSH मशीन से सत्यापन का उद्देश्य पारदर्शिता, सटीकता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण है।
POSH मशीन से किसानों को मिलने वाले लाभ—
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उर्वरक की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित
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कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक
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गुणवत्ता और प्रमाणिकता की गारंटी
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डिजिटल रिकॉर्ड से जवाबदेही
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समय पर वितरण और शिकायतों का त्वरित समाधान
किसान हित सर्वोपरि: जिलाधिकारी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि रबी 2025–26 कृषि सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तत्परता और सख्ती के साथ कार्य कर रहा है।

