बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने के साथ-साथ नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य के 25 जिलों के जिला पदाधिकारियों को पत्र भेजकर चीनी मिल स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने यह बातें मंगलवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।

सात निश्चय के तहत बड़ा कदम
मंत्री ने कहा कि राज्य में नौ चीनी मिलें कई वर्षों से बंद पड़ी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य राज्य में अधिक से अधिक रोजगार सृजन करना है, ताकि लोगों को बाहर जाने की मजबूरी न हो। इसी उद्देश्य से सात निश्चय कार्यक्रम के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में गन्ना उद्योग विभाग तेजी से काम कर रहा है।

25 जिलों में नई चीनी मिलों की तैयारी
गन्ना उद्योग मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, गया, शिवहर, सीवान, रोहतास, मोतिहारी, बेतिया, पटना, पूर्णिया, वैशाली, सारण, नवादा, बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय, खगड़िया, जमुई, भागलपुर, नालंदा, बांका, मधेपुरा, मधुबनी और दरभंगा जिलों में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि दरभंगा जिले के रैयाम और मधुबनी जिले के सकरी में चीनी मिल की स्थापना सहकारिता विभाग के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने हेतु गन्ना उद्योग विभाग ने अपनी सहमति दे दी है। पांच वर्षों के भीतर सभी प्रस्तावित नई चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य में 10 चीनी मिलें वर्तमान में चालू
मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वर्तमान में 10 चीनी मिलें कार्यरत हैं। पेराई सत्र 2025-26 के दौरान किसानों से 427.14 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई है। इसके एवज में किसानों को 1589 करोड़ 69 लाख रुपये का भुगतान होना था, जिसमें से 1395 करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इस प्रकार किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का लगभग 87.78 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईख आयुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त ईख आयुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।









