बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला नरसिंगदी जिले से सामने आया है, जहां एक किराना स्टोर में काम करने वाले हिंदू युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। बीते 24 घंटे के भीतर यह इस तरह की दूसरी घटना बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनी चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 10 बजे अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोनी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना हाल के दिनों में हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही हिंसक वारदातों की कड़ी में एक और इजाफा मानी जा रही है।

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— News18 (@CNNnews18) January 6, 2026
इससे पहले 3 जनवरी को 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमला कर उन्हें बेरहमी से काटा गया और बाद में आग के हवाले कर दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई थी। वहीं 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले के पांग्शा उपजिला में कथित उगाही के आरोप में अमृत मंडल नामक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

इसके अलावा 18 दिसंबर को मैमनसिंह शहर में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उनके शव को जला दिया गया। इन घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी क्रम में एक और घटना 23 दिसंबर को चटगांव के बाहरी इलाके राउजान से सामने आई, जहां कतर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों शुख शिल और अनिल शिल के घर को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। राहत की बात यह रही कि घर में मौजूद सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

लगातार हो रही इन घटनाओं से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।







