बिहार सरकार ने पर्व-त्योहारों के समय दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से बिहार आने वाले प्रवासी लोगों की यात्रा को आसान बनाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब छठ, होली, दीपावली और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों पर लोगों को घर लौटने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

राज्य सरकार ने 24 जून 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया कि बिहार से जुड़े अंतर्राज्यीय मार्गों पर कुल 299 बसों का परिचालन कराया जाएगा। इनमें 75 ए.सी. बसें और 74 डीलक्स नॉन ए.सी. बसें होंगी। इन बसों की खरीद पर सरकार ₹105.82 करोड़ खर्च करेगी।

इसके अलावा, लोक-निजी भागीदारी (PPP मोड) के तहत 150 अतिरिक्त ए.सी. बसों का संचालन भी किया जाएगा। यह सभी बसें मुख्य रूप से उन मार्गों पर चलाई जाएंगी जहाँ त्योहारों के समय यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है।

बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से पर्व-त्योहारों पर विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का भी अनुरोध किया है। इससे बिहार आने वाले प्रवासी यात्रियों को रेल के साथ-साथ सड़क मार्ग से भी बेहतर विकल्प मिलेंगे।
सरकार का कहना है कि यह पहल न केवल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि राज्य से बाहर रह रहे लोगों के अपने घर सुरक्षित और समय पर पहुंचने की राह को भी आसान करेगी।










