BIHAR
लालू की बहू का बड़ा फैसला: तेज प्रताप से रिश्ते को अंजाम देने तक ससुराल में ही रहेंगी ऐश्वर्या
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Pradad Yadav) के परिवार की बड़ी बहू और पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय (Daroga Prasad Rai) की पोती ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) को जानने वाले बताते हैं कि वे जुनूनी लड़की हैं, जिसे एक हद तक जिद्दी भी कहा जा सकता है। इसी आधार पर यह भी जोड़ा जा रहा है कि तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के साथ अपने बिगड़े रिश्ते को जब तक वे अंजाम तक नहीं पहुंचा लेंगी, तब तक अपने ससुराल में ही जमी रहेंगी।
मायके लौटने के लिए तैयार नहीं
अभी लालू-राबड़ी के आवास में ही रहकर वे तलाक का मुकदमा लड़ रही हैं। आगे भी ससुराल छोडऩे का इरादा नहीं है। यही कारण है कि वे मायके लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि, कई बार परिजनों ने उन्हें समझाने-मनाने और लौटाने की कोशिश की है। किंतु ऐश्वर्या अपनी जिद पर अड़ी हैं। ससुराल में ही टिकी हैं। शुक्रवार को जरूरी काम और मायकों वालों से मुलाकात के लिए वे राबड़ी आवास से निकली जरूर थीं, लेकिन कुछ ही घंटे के भीतर लौटकर आ गईं।
दरअसल, यह पहला मौका नहीं था जब ऐश्वर्या अपने ससुराल से बाहर निकली थीं। लोकसभा चुनाव के बाद से अपनी जरूरत के सामान लाने और खाने की चीजों के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है। मायके की मदद लेनी पड़ती है। शुक्रवार को संयोग से राबड़ी के आवास से रोनी सूरत के साथ निकलती ऐश्वर्या पर मीडिया की नजर पड़ गई और उनका वीडियो वायरल हो गया। तेज प्रताप से विवाद के बाद वह कुछ दिनों के लिए मायके रहने गई थीं। किंतु तलाक की अर्जी की खबर फ्लैश होते ही ऐश्वर्या उसी क्षण अपने ससुराल में आ गई थीं और तब से वहीं रह रही हैं।
चंद्रिका राय (Chandrika Rai) के परिवार से जुड़े लोग हैरत में हैं कि जब ससुराल में ऐश्वर्या राय को इतनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो वह वहां से मायके क्यों नहीं लौट रहीं हैं? लोकसभा चुनाव में पिता चंद्रिका राय के सारण से आरजेडी के प्रत्याशी बनने को भी इस प्रकरण से जोड़कर देखा गया। खुद तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि ऐश्वर्या अपने पिता को टिकट दिलाने के लिए दबाव बना रही थीं। चंद्रिका राय को सारण से पार्टी का प्रत्याशी भी बनाया गया। प्रचार के दौरान लालू परिवार से खट्टे रिश्ते को मधुर दिखाने-बताने की कोशिश भी हुई, लेकिन कामयाबी फिर भी नहीं मिली। चंद्रिका चुनाव हार गए। इसके बाद ऐश्वर्या के ससुराल में जमे रहने को लेकर दोबारा कयास लगाने लगे।
विवाद को ढकने की ही कोशिश
हालांकि, ऐश्वर्या के मायके वाले अभी भी इस संबंध पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे। चंद्रिका राय ने पारिवारिक विवाद को ढकने की ही कोशिश की। उन्होंने शुक्रवार की घटना को भी सामान्य प्रक्रिया बताया और कहा कि बेटी ससुराल से मायके आती-जाती है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं। वे दोपहर में आईं थीं और शाम में लौट गईं। ऐश्वर्या की मां पूर्णिमा राय ने अपने पति की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐश्वर्या अपनी बहन से मिलने आई थी, उसके बाद लौट गई।
मायके से भी हैं खफा ऐश्वर्या
चंद्रिका राय परिवार से जुड़े लोगों का दावा है कि तेज प्रताप के साथ शादी के लिए ऐश्वर्या शुरू से तैयार नहीं थीं। प्रारंभिक दौर में जब शादी की बातचीत चली तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के करीबी और मानिंद लोगों ने उन्हें समझा-बुझा कर राजी किया। शादी के महज कुछ दिनों के बाद ही जब पति से रिश्ते बिगडऩे लगे तो ऐश्वर्या ने अपने मायके वालों पर बेमेल शादी के लिए राजी कराने का इल्जाम लगाया और उनके गलत फैसले का अहसास कराने की कोशिश की।
Input : Dainik Jagran
BIHAR
मोदी सरनेम मामले में अभी फंसे रहेंगे राहुल गांधी! अगले माह पटना सीजेएम कोर्ट में भी होगी सुनवाई

सूरत के जिला कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले आपराधिक मानहानि मामले में 2 साल कैद की सजा सुनाई। हालांकि बाद में राहुल गांधी को कोर्ट से जमानत भी मिल गई। लेकिन राहुल गांधी पर कई और मामले दर्ज हैं, जिन पर अभी फैसला आना बाकी है।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने इसी कड़ी में बताया कि उन्होंने मोदी सरनेम वाले सभी लोगों को चोर बताने वाले राहुल गांधी के अमर्यादित बयान के विरुद्ध पटना के सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज करा रखा है। अगर इसमें भी सूरत की अदालत की तरह सजा सुनाई गई तो राहुल गांधी की मुश्किलें और बढ़ जाएगी। उनकी संसद सदस्यता जा सकती है।
मालूम हो कि सूरत में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। उनके ऊपर एक समुदाय की भावना को आहत करने का आरोप लगा था। जिस मामले में उन्हें कोर्ट ने 2 साल कैद की सजा सुनाई। वहीं सुशील मोदी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरनेम वाले लाखों लोगों ने राहुल गांधी के इस अमर्यादित टिप्पणी से अपमानित महसूस किया। उन्होंने कहा कि मेरे मामले में वो जमानत ले चुके हैं लेकिन अगले महीने गवाही देने के लिए उन्हें पटना सीजेएम कोर्ट में मौजूद रहना पड़ सकता हैं।
MUZAFFARPUR
मुजफ्फरपुर : स्वास्थ्य अधिकारी शराब के नशे में गिरफ्तार

जिला स्वास्थ्य समिति में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी राजेश झा को शराब के नशे में सदर अस्पताल स्थित उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया। उत्पाद विभाग की टीम ने गुरुवार शाम पांच बजे कार्रवाई की। ब्रेथ एनालाइजर से जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई। वह मूलरूप से कटिहार का रहने वाला है।
उत्पाद निरीक्षक अभिनव कुमार ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि राजेश झा अपने कार्यालय में शराब के नशे में है। इसके बाद जांच टीम ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। उधर, गिरफ्तारी के बाद सदर अस्पताल में हड़कंप मच गया। उत्पाद विभाग को जानकारी मिली थी कि आरोपित हमेशा शराब का सेवन कर ड्यूटी करता है।पिछले साल जुलाई में ही उसकी यहां तैनाती हुई थी। वहीं, सीएस डॉ. यूसी शर्मा ने बताया कि इस मामले में क्या विभागीय कार्रवाई हो सकती है इसकी जानकारी ली जा रही है।
Source : Hindustan
BIHAR
निर्माण विभाग में 1500 पदों पर होगी बंपर बहाली, जेई से लेकर माली तक के पोस्ट

भवन निर्माण विभाग में 551 सहायक-जूनियर इंजीनियरों और एक हजार माली की बहाली होगी। मंत्री अशोक चौधरी ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। वह विभाग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट पर हुए वाद-विवदा के बाद सरकार का उत्तर दे रहे थे। भाजपा सदस्यों के वॉकआउट के बीच 4721 करोड़ 47 लाख के बजट को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि 2077 करोड़ की लगत से 29 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेजों का भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। बक्सर और आरा इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन इसी साल अगस्त तक तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही भवनों के बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चत की जा रही है। इस कार्य में आईआईटी पटना, एनआईटी पटना और बीआईटी मेसरा के साथ मिलकर विभाग कार्य कर रहा है। मंत्री के कहा कि आजादी के बाद पहली बार पिछले 18 वर्षों में बिहार में महत्वाकांक्षी और सिग्नेचर भवनों का निर्माण कर राज्य ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। इन भवनों में समग्रा अशोक कन्वेंशन केंद्र, बापू सभागार, ज्ञान भवन एवं सभ्यता द्वार, अंतर्राष्ट्रीय बिहार संग्रहालय, अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (राजगीर), सरदार पटेल भवन तथा दिल्ली के द्वारका में बिहार सदन आदि प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कई ऐसी योजनाएं शुरू की गई, जिनका अनुकरण बाद में केंद्र सरकार समेत कई राज्यों ने किया है। मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं के तहत 28 जगहों पर 720-720 क्षमता वाले आवासीय विद्यालय का निर्माण और 14 जगहों पर पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा विभाग के 520-520 क्षमता वाले आवासीय विद्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। सारे भवन भूकंपरोधी बनाये जा रहे हैं।
Source : Hindustan
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