MUZAFFARPUR : शहर को जाम-मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक यातायात प्रणाली से लैस करने की दिशा में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजे हैं, जो स्वीकृत होने पर शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार लाएंगे। बढ़ती जनसंख्या, रोज़ बढ़ते वाहन दबाव और प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए ये परियोजनाएँ शहर को एक नई दिशा देने वाली साबित होंगी।

अखाड़ाघाट आरसीसी पुल: दोनों ओर 200–200 मीटर पहुंच पथ के चौड़ीकरण का प्रस्ताव
बूढ़ी गंडक नदी पर अखाड़ाघाट स्थित निर्माणाधीन उच्च स्तरीय आरसीसी पुल शहरी यातायात का एक अहम लिंक बनने जा रहा है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा किए जा रहे इस कार्य की समीक्षा के दौरान वरीय परियोजना अभियंता ने बताया कि पुल के दोनों छोर पर 200–200 मीटर तक पहुंच पथ के विस्तार की स्वीकृति पहले से ही योजना का हिस्सा है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि –
“पुल का निर्माण पूरा होने से शहर के यातायात बोझ में राहत मिल सकती है, लेकिन यदि दोनों ओर के मार्ग चौड़े और बेहतर नहीं हुए तो इसका वास्तविक लाभ जनता को नहीं मिलेगा।”
इसीलिए उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता सूची में शामिल करने का अनुरोध किया है, जिससे पुल का उपयोग अधिक सहज, सुरक्षित और सुगम हो सके।

सरैयागंज टावर चौक से जीरो माइल तक पथ चौड़ीकरण – जाम से राहत का बड़ा उपाय
मुजफ्फरपुर की सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली सड़क—सरैयागंज टावर चौक से अखाड़ाघाट पुल होकर जीरो माइल गोलंबर तक का मार्ग—अक्सर जाम की भीषण समस्या से जूझता है। इस मार्ग पर हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे आम नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं दोनों को भारी बाधा का सामना करना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में कहा है कि –
“यह सड़क शहरी यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके चौड़ीकरण के बिना जाम से स्थायी राहत संभव नहीं।”

अगर इस मार्ग के उन्नयन को मंजूरी मिलती है, तो यह शहर के सबसे व्यस्त यातायात कॉरिडोर में बड़ा बदलाव ला सकता है।
बूढ़ी गंडक नदी संरक्षण: अखाड़ाघाट पुल पर होगी सुरक्षात्मक घेराबंदी
जिलाधिकारी ने नदी प्रदूषण को रोकने के लिए एक और अहम कदम उठाया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लोग अखाड़ाघाट पुल के ऊपर से पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा नदी में फेंकते हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और NGT दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पथ प्रमंडल-1 के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि—
• पुल के दोनों ओर
• आवश्यकतानुसार
• पर्याप्त ऊँचाई की
• सुरक्षात्मक घेराबंदी का निर्माण किया जाए।

इससे जल प्रदूषण पर रोक लगेगी और नदी पारिस्थितिकी को संरक्षण मिलेगा।
नया रेल ओवरब्रिज (ROB): मुजफ्फरपुर–नारायणपुर–अनंत स्टेशन मार्ग को मिलेगी जाम से मुक्ति
शहर की यातायात संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में जिलाधिकारी ने एक और महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव भेजा है। मुजफ्फरपुर–नारायणपुर–अनंत रेलवे स्टेशन के बीच एक नया रेल ओवरब्रिज (ROB) बनाने का प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग को भेजा गया है।

पुनरीक्षित प्राक्कलन और अन्य आवश्यक दस्तावेज विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं। आरओबी बनने के बाद—
• रेलवे फाटक पर लगने वाला लंबा जाम खत्म होगा
• वाहनों की आवाजाही निर्बाध होगी
• शहर के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा
• लोगों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी
यह ROB शहर की भावी यातायात आवश्यकताओं के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी सेन ने कहा कि –
“बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ जाम एक प्रमुख चुनौती है। इसे दूर करने के लिए चौड़ीकरण, पुल निर्माण और यातायात उन्नयन से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिलते ही मुजफ्फरपुर की यातायात प्रणाली में बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा और नागरिकों को सुरक्षित, सुगम, तेज़ और आधुनिक आवागमन सुविधा मिलेगी।







