बिहार में सभी वाहन सीएनजी में बदलेंगे
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बिहार में सभी वाहन सीएनजी में बदलेंगे

Santosh Chaudhary

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बिहार में एक निश्चित समय-सीमा में पेट्रोल व डीजल से चलने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सीएनजी में बदला जाएगा।

शुरू में मालिकों को स्वेच्छा से अपने वाहन एक समय-सीमा के भीतर सीएनजी में बदलने की सलाह दी जाएगी। इसके बाद इसे अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए भी एक अवधि निश्चित की जाएगी। सीएनजी में बदलते ही वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी बदल जाएंगे। यह जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सीएनजीवाहनों के परिचालन को बढ़ावा दिया जाएगा।

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कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा जाएगा : परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि व्यावसायिक वाहन चालकों को एक निश्चित अवधि दी जाएगी ताकि वे अपने वाहनों को सीएनजी में बदल सकें। विभाग इसके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम प्रकाशित करेगा। इस समय-सीमा के अंदर सभी वाहन चालकों को अपना वाहन सीएनजी में तब्दील कराना होगा। राज्य कैबिनेट में इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा। सीएनजी वाहन में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल के वाहनों से 30-50 प्रतिशत कम होगी।

संवाददाता सम्मेलन में परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने किया एलान – प्रदूषण को कम करने के लिए सीएनजी वाहनों के परिचालन को दिया जा रहा है बढ़ावा

15 लाख व्यावसायिक वाहन दौड़ रहे हैं राज्यभर में

पेट्रोल और डीजल से सस्ती है सीएनजी

सीएनजी 60.60 रुपये जबकि पेट्रोल 76 रुपये प्रति लीटर है। पटना में अभी दो सीएनजी पंप रुकनपुरा व टोल प्लाजा दीदारगंज में हैं। 15 अक्टूबर तक तीन और पंप जीरो माइल, सगुना मोड व दीघा बाटा फैक्ट्री में खुल जाएंगे। पेट्रोल ऑटो में सीएनजी किट लगाने की लागत 25 हजार, पेट्रोल कार में 30 से 45 हजार, डीजल कार में 25 से 32 हजार रुपये है। सीएनजी किट के बाद लांग रूट पर पेट्रोल का विकल्प भी गाड़ी में रहेगा। सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रिक कार व टू व्हीलर भी सड़क पर उतरेंगे जिसमें निबंधन फीस में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पूरे राज्य में चालन काटने के लिए हैंड डिवाइस सिस्टम लागू किया जाएगा।

राज्य सरकार ने पेट्रोल व डीजल चालित वाहनों को सीएनजी में बदलने का फैसला लिया है। अभी वाहन मालिक स्वेच्छा से अपने वाहन को सीएनजी में बदल सकते हैं। बाद में एक समय सीमा के अंदर इन्हें सीएनजी में बदलना अनिवार्य होगा। – संतोष कुमार निराला, परिवहन मंत्री

Input : Hindustan

 

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श्रद्धांजलि: 31 कंप्यूटर्स से भी तेज चलता था गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का दिमाग

Santosh Chaudhary

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आइंस्टीन के सापेक्ष सिद्धांत को चुनौती देने वाले महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 74 साल के थे। अपनी ज़िंदगी में 44 साल तक वे मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया से पीड़ित रहे। इस महान गणितज्ञ का जीवन दुखों से भरा रहा।

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31 कंप्यूटर्स जैसा चलता था वशिष्ठ का दिमाग

कहा जाता है कि वशिष्ठ नारायण सिंह ने महान वैज्ञानिक आंइस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती दी थी।उनके बारे में कहा जाता है कि उनका दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता था। ये तब साबित हुआ जब नासा द्वारा अपोलो की लॉन्चिंग से पहले जब 31 कंप्यूटर्स कुछ समय के लिए बंद हो गए थे। कंप्यूटर के ठीक होने तक वशिष्ठ नारायण सिंह ने जो गणना की थी वो कंप्यूटर ठीक होने पर पता चला कि दोनों का कैलकुलेशन एक था।

वशिष्ठ नारायण सिंह का जन्म बिहार के बसंतपुर गांव में 2 अप्रैल 1942 में हुआ था और वे अपने परिजनों के साथ पटना के कुल्हरिया कॉम्प्लेक्स में रहते थे।

गलत पढाने पर प्रोफेसर को ही टोक देते थे

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार जब वशिष्ठ नारायण सिंह पटना साइंस कॉलेज में पढ़ते थे, उस दौरान वे गलत पढ़ाने पर अपने गणित के प्रोफेसर को टोक देते थे। इसकी जानकारी जब कॉलेज के प्रिंसिपल को मिली तो उन्होंने वशिष्ठ नारायण सिंह की प्रतिभा को देखने के लिए उनकी अलग से परीक्षा ली। इस परीक्षा में उन्होंने सारे एकेडमिक रिकॉर्ड तोड़ दिए।

कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी से की पीएचडी

वशिष्ठ नारायण सिंह पटना साइंस कॉलेज में पढ़ते थे तो उस दौरान कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन कैली की नजर उन पर पड़ी। कैली ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें बरकली आ कर रिसर्च करने का निमंत्रण दिया। 1965 में वशिष्ठ नारायण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में रिसर्च के लिए चले गए थे।

नासा में किया था काम, वापस लौट आए भारत

साल 1969 में उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की और वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर बन गए। उन्होंने नासा में एक गणितज्ञ के रूप में काम किया था, बाद में उनका वहां मन नहीं लगा और वे 1971 में वापस भारत लौट आए। इसके बाद उन्होंने पहले IIT कानपुर, बॉम्बे, और फिर ISI कोलकाता में नौकरी की।

वैवाहिक जीवन नहीं रहा सफल 

उनका विवाह साल 1973 में वंदना रानी सिंह के साथ हुआ. अपनी शादी के कुछ समय बाद ही वे मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हो गए और कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने उनसे तलाक ले लिया था। आपको बता दें, उन्हें ये बीमारी पिछले 40 सालों से थी।

Input : Dainik Jagran

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गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर सरकार खोलेगी इंजीनियरिंग कॉलेज, CM ने परिजनों को दिया भरोसा

Ravi Pratap

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महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन से बिहार समेत पूरे देश में शोक की लहर है. सीएम नीतीश कुमार ने महान गणितज्ञ को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. सीएम ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात भी की.

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परिजनों से मुलाकात के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का भरोसा दिया है. स्वर्गीय वशिष्ठ नारायण सिंह के छोटे भाई अवधेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ‘हमसे मिलकर आश्वासन दिया है कि वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम पर एक इंजीनियरिंग कॉलेज बिहार में खोला जाएगा.’

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इसके अलावा मुख्यमंत्री ने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया है. वशिष्ठ नारायण सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में होगा. वशिष्ठ नारायण सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने पटना से अधिकारी आरा जाएंगे.

वहीं वशिष्ठ नारायण सिंह के डेड बॉडी को एंबुलेंस मिलने में देरी होने पर पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट राजीव रंजन का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एंबुलेंस मिलने में कहां चूक हुई इसकी जांच कराई जाएगी. पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट ने स्वीकार किया कि एंबुलेंस मिलने में देरी हुई, लेकिन सफाई में उन्होंने कहा कि 2 घंटे नहीं बल्कि 45 मिनट की देरी से एंबुलेंस पहुंचा.

Input : First Bihar

 

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वशिष्ठ नारायण सिंह के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस नहीं मिला, मुख्यमंत्री आने को हुए तो अधिकारियों ने रेड कारपेट बिछा दी

Ravi Pratap

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महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन के बाद पहले सिस्टम का शर्मनाक चेहरा उजागर हुआ और अब पटना जिला प्रशासन की तरफ से वीवीआइपी के लिए रेड कारपेट बिछाया गया। जी हां, वशिष्ठ नारायण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे थे। जहां वशिष्ठ नारायण सिंह का पार्थिव शरीर कुल्हड़िया कांप्लेक्स के पास रखा गया।

शर्मनाक : ये हैं PMCH कैंपस में महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का पार्थिव शरीर है, जिनके परिजनों को एम्बुलेंस तक मुहैया…

Posted by Muzaffarpur Now on Wednesday, November 13, 2019

मुख्यमंत्री के आने की सूचना के साथ पटना जिला प्रशासन एक्शन में दिखा। मुख्यमंत्री के आने के पहले आनन-फानन में कुल्हड़िया काम्प्लेक्स परिसर में रेड कारपेट बिछाया गया। उसके बाद पहुंचे मुख्यमंत्री ने महान गणितज्ञ को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

वशिष्ठ नारायण सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि महान गणितज्ञ के सम्मान में बिहार सरकार कुछ बड़ा फैसला लेगी। वशिष्ठ नारायण सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

आपको बता दें कि देश-दुनिया में गणित के फॉर्मूले का लोहा मनवाने वाले महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का आज निधन हो गया है। वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन की खबर मिलते ही देश भर में शोक की लहर छा गई है। देशभर के तमाम दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

Input : First Bihar 

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