कोरोना महामारी से देशव्यापी लॉकडाउन उनके बीच बीजेपी विधायक अनिल सिंह राजस्थान के कोटा गए और अपने बेटी को वापस लेकर आ गए अब इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. कभी नीतीश कुमार के सहयोगी रहे प्रशांत किशोर ने अब मुख्यमंत्री से इस मामले पर जवाब मांगा है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि नीतीश कुमार नौटंकी मर्यादा समझा रहे थे. उन्होंने कोटा में फंसे सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को यह कहकर खारिज कर दिया था कि लॉकडाउन की मर्यादा टूट जाएगी. लेकिन अब उनकी ही सरकार के एक विधायक ने कोटा जाकर मर्यादा को तोड़ा है.

विधायक कोटा से लेकर आए बेटी
हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह के बेटी कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही थी. लॉकडाउन के बाद हालात बिगड़ने लगे तो विधायक से रहा नहीं गया. आनन-फानन में वह सड़क के रास्ते राजस्थान के कोटा पहुंचे और वहां से ना केवल अपने बेटी हैं बल्कि उसके कई दोस्तों को भी साथ लेकर पटना आ गए.
कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को @NitishKumar ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि ऐसा करना #lockdown की मर्यादा के ख़िलाफ़ होगा।
अब उन्हीं की सरकार ने BJP के एक MLA को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है? pic.twitter.com/mGy9v0MHQS
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) April 19, 2020
कोटा से बिहारी छात्रों को वापस लाने को लेकर नीतीश कुमार ज्ञान देते रह गए और बीजेपी के विधायक सारे नियमों को ताक पर रखकर अपने पिता धर्म का पालन करते हुए बेटी को वापस लेकर आ गए. जिसके बाद विपक्षी नेता तमाम सवाल खड़ा कर रहे हैं.
Input : First Bihar
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