कादर ख़ान ऐसे कलाकार थे जो अपने पीछे अदाकारी और संवाद लेखन की बहुत बड़ी विरासत छोड़ गये हैं। उन्होंने कई पीढ़ी के एक्टर्स के साथ काम किया। उनके लिखे संवाद आज भी प्रासंगिक हैं। यही वजह है कि ना सिर्फ़ उनके साथ काम कर चुके, बल्कि उनसे बहुत जूनियर कलाकार भी दुखी हैं और अपने कादर भाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

90 के दशक की कॉमेडी फ़िल्मों में गोविंदा और कादर ख़ान की जोड़ी अक्सर नज़र आती थी। दोनों के बीच ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री कहानी को अलग ही आयाम दिया करती थी। गोविंदा को कॉमिक टाइमिंग का मास्टर माना जाता है तो कादर ख़ान के साथ इस टाइमिंग का कोई जवाब नहीं होता था। कभी गोविंदा के पिता तो कभी ससुर बनकर कादर ख़ान ने दर्शकों को ख़ूब गुदगुदाया। हीरो नंबर 1, बनारसी बाबू, नसीब, आंटी नंबर 1, दूल्हे राजा, बड़े मियां छोटे मियां, अनाड़ी नंबर 1, हसीना मान जाएगी… लिस्ट बहुत लंबी है। उस दौर की गोविंदा की फ़िल्म का नाम लीजिए और उसमें किसी ना किसी किरदार में कादर ख़ान को पाएंगे।

कादर ख़ान का गुज़रना चीची के लिए निजी नुक़सान से कम नहीं। तभी तो जज़्बात बयां करते हुए शब्दों में उनका दर्द छलक उठता है। इंस्टाग्राम पर वेटरन एक्टर को श्रद्धांजलि देते हुए गोविंदा लिखते हैं- ”श्रद्धांजलि कादर ख़ान साहब। वो मेरे उस्ताद ही नहीं, बल्कि पिता तुल्य थे, उनका मिडास टच और आभा उनके साथ काम करने वाले हर एक्टर को सुपरस्टार बना देती थी। पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री और मेरा परिवार इस क्षति से व्यथित है और शब्दों में अपने दुख को बयां नहीं कर सकते। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।”

कमोबेश कुछ यही हाल रवीना टंडन का है, जिन्होंने गोविंदा और कादर ख़ान के साथ कई फ़िल्मों में नायिका का रोल निभाया। रवीना लिखती हैं- ”आपकी बहुत याद आएगी। आपके जैसा ह्यूमर और स्क्रीन प्रेज़ेस किसी के पास नहीं था। आतिश, घरवाली बाहरवाली से लेकर दूल्हे राजा, वाह तेरा क्या कहना से लेकर बड़े मियां छोटे मियां। कादर भाई, आपकी यादों का ख़ज़ाना है। परिवार के लिए संवेदनाएं।”

अनुपम खेर ने कादर ख़ान के साथ कई फ़िल्मों में काम किया है। अनुपम ने उनके निधन पर गहरा अफ़सोस ज़ाहिर किया है और उन्हें एक ऐसा विद्वान बताया है, जो किसी भी विषय पर बात कर सकता था।

वरुण धवन के पिता डेविड धवन की कई कॉमेडी फ़िल्मों में गोविंदा के साथ कादर ख़ान ने काम किया। 90 के दौर में डेविड की तकरीबन हर फ़िल्म में कादर ख़ान होते थे। इस लिहाज़ से वरुण ने बचपन से कादर ख़ान को देखा है। निधन से दुखी वरुण लिखते हैं- ”कादर ख़ान साहब को श्रद्धांजलि। मेरी प्रेरणाओं में से एक और सचमुच अदाकारी, लेखन और मंच कला के प्रतीक। मेरे पिता के सिनेमा में उनका योगदान असीमित है बिल्कुल उनके हुनर की तरह। आपकी सभी को बहुत याद आएगा।”

बीमारी के चलते कादर ख़ान ने फ़िल्मों में काम करना काफ़ी कम कर दिया था। 2015 में वो अर्जुन कपूर और सोनाक्षी सिन्हा की फ़िल्म तेवर में एक छोटी सी भूमिका में दिखे थे। कपूर ने कादर ख़ान को याद करते हुए अर्जुन ने लिखा है- ”एक ऐसे अभिनेता और लेखक, जिन्होंने एक पीढ़ी को परिभाषित किया। आपके जाने से इंडस्ट्री में जो रिक्त स्थान हुआ है, उसे भरा नहीं जा सकेगा। श्रद्धांजलि। परिवार को मेरी हार्दिक संवेदनाएं।”

निर्देशक जोड़ी अब्बास मस्तान ने भी कादर ख़ान को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें इंडस्ट्री का श्रेष्ठ लेखक और इंसान कहा है।

लता मंगेशकर ने कादर ख़ान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। लता ने लिखा है- मेरे पसंदीदा अभिनेता और लेखक कादर ख़ान जी के निधन की वार्ता सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री ने एक बहुत अच्छा कलाकार और लेखक खो दिया। मेरी उनको विनम्र श्रद्धांजलि।

Input : Dainik Jagran