पटना। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि फर्जी कागजात के आधार पर अंचल कार्यालयों से कार्य कराने वालों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सभी अंचल और डीसीएलआर कार्यालयों में शिकायत पेटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी।

गुरुवार को ज्ञान भवन में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अंचल कार्यालय की शिकायत पेटी केवल संबंधित अंचलाधिकारी ही खोलेंगे, जबकि डीसीएलआर कार्यालय में रखी पेटी को डीसीएलआर स्वयं खोलेंगे। डीसीएलआर कार्यालय में अंचलाधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इस व्यवस्था से भूमि संबंधी मामलों में अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।

उपमुख्यमंत्री ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस प्रक्रिया में भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अपर समाहर्ता, अपने यहां उपलब्ध कानूनी सलाहकारों की मदद से अंचलाधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस से जुड़े मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि राजस्व कार्यों की निगरानी के लिए उड़नदस्ता टीम भी औचक निरीक्षण करेगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जमीन से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर सुधार के लिए 100 दिन की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जिलों में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की प्राथमिकता दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस मामलों के शीघ्र निपटारे और अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत वासविहीन गरीबों को जमीन उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने या बिना ठोस कारण खारिज करने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। नए साल में प्रमंडलवार इन कार्यों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के आवेदनों को स्वीकार कर उन्हें रिसीविंग देना अनिवार्य है। यदि अंचल स्तर पर सुनवाई नहीं होती है तो क्रमशः भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अपर समाहर्ता, समाहर्ता और प्रमंडलीय आयुक्त के कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। मुख्यालय स्तर पर सचिव, प्रधान सचिव या मंत्री के पास जाना अंतिम विकल्प होगा।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने राज्य में दाखिल-खारिज और परिमार्जन मामलों के निपटारे में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले पांच अंचलों के अंचलाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इनमें सोनवर्षा, बेतिया, बोधगया, इस्लामपुर और भागलपुर शामिल हैं। उन्होंने संबंधित सीओ से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








