नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025 – भारत की आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय पर्व छठ महापर्व अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर है। केंद्र सरकार ने छठी मइया फाउंडेशन की ऐतिहासिक पहल पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीत नाटक अकादमी (SNA) को निर्देश जारी किए हैं कि इस पर्व को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ की जाए।

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 8 अगस्त 2025 को पत्र संख्या F.No.U-11/134/2018-UNESCO के माध्यम से औपचारिक आदेश जारी किए गए। इस पहल में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का मार्गदर्शन और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

छठी मइया फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप कुमार दुबे ने कहा – “यह प्रधानमंत्री और संस्कृति मंत्रालय की संवेदनशीलता तथा भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। छठ केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की अद्वितीय परंपरा है। UNESCO की सूची में इसका शामिल होना भारत और प्रवासी भारतीय समुदाय, दोनों के लिए गर्व की बात होगी।”

UNESCO सूची में शामिल होने से मिलने वाले संभावित लाभ:
• छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
• पर्यटन में वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
• परंपरा के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुदान और सहयोग प्राप्त होंगे।
• प्रवासी भारतीयों का सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत होगा।
• महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश वैश्विक स्तर पर पहुंचेगा।

इस निर्णय के साथ ही बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत और प्रवासी समुदाय में उत्साह की लहर है। छठ महापर्व का यह अंतरराष्ट्रीय सफर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई प्रदान करेगा।








